सूरत, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात में सूरत शहर पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी से 32 वर्षीय एक जिम ट्रेनर को गिरफ्तार किया है। उस पर ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए ठगे गए पैसों को निकालने में मदद करने का आरोप है।
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सूरत, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात में सूरत शहर पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी से 32 वर्षीय एक जिम ट्रेनर को गिरफ्तार किया है। उस पर ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए ठगे गए पैसों को निकालने में मदद करने का आरोप है।
इस धोखाधड़ी में, एक ई-कॉमर्स बिजनेस से ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा देकर शिकायतकर्ता से 5.88 लाख रुपए ठगे गए थे।
पुलिस ने बुधवार को बताया कि आरोपी अब्दुल्ला उर्फ सोनू मजीद ने कथित तौर पर कमीशन के आधार पर हासिल किए गए बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर करने में मदद की। उसने दुबई में छिपे एक अन्य आरोपी के निर्देश पर, ठगी की रकम के एक हिस्से को यूएसडीटी (अमेरिकी डॉलर से जुड़ी एक क्रिप्टोकरेंसी) में बदल दिया।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता से एक डेटिंग ऐप के जरिए संपर्क किया गया और उसे एक फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजा गया।
आरोपी ने शिकायतकर्ता को उस वेबसाइट पर अकाउंट बनाने के लिए राजी किया और दावा किया कि ई-कॉमर्स गतिविधियों में निवेश करने पर अच्छा रिटर्न मिलेगा।
इसके बाद, शिकायतकर्ता को अलग-अलग बैंक खातों में कुल 5,88,909 रुपए ट्रांसफर करने के लिए बहकाया गया। यह रकम वापस नहीं मिली।
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (2008 में संशोधित) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच के दौरान, पुलिस ने तकनीकी पड़ताल की मदद से मजीद को वाराणसी में खोज निकाला और पुलिस इंस्पेक्टर ए.एम. मोरी के नेतृत्व वाली टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की गई।
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता के 1,77,590 रुपए एचडीएफसी बैंक के एक ऐसे खाते में ट्रांसफर किए गए थे, जो इमरान यूसुफ खिलची नाम के एक अन्य आरोपी से जुड़ा है। उसे इस मामले के सिलसिले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के मुताबिक, दुबई में छिपे आरोपी ने मजीद के जरिए बैंक खातों का इंतजाम करवाया था, जिनमें कैश डिपॉजिट मशीनों (सीडीएम) के जरिए पैसे जमा कराए गए। इसके बदले में मजीद को कमीशन मिलता था।
आरोप है कि मजीद ने एटीएम और चेक के जरिए पैसे निकाले, जिसमें से 12,590 रुपए अपने कमीशन के तौर पर रख लिए। बाकी बचे 1.65 लाख रुपए से उसने यूएसडीटी खरीदा और फिर दुबई में छिपे आरोपी के निर्देशानुसार उसे आगे ट्रांसफर कर दिया।
इससे पहले गिरफ्तार किया गया आरोपी, 46 वर्षीय इमरान यूसुफ खिलची, महाराष्ट्र के मुंबई का रहने वाला एक व्यवसायी है।
सूरत शहर पुलिस ने निवासियों से अपील की है कि वे कमीशन या किसी अन्य लालच में आकर दूसरों को अपने बैंक खातों का इस्तेमाल न करने दें।
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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