नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी) 2026 में भाग लेने आए वैज्ञानिकों ने मंगलवार को कहा कि अपनी संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिसर्च के आम आदमी के हित में इस्तेमाल पर जोर दिया।
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नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी) 2026 में भाग लेने आए वैज्ञानिकों ने मंगलवार को कहा कि अपनी संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिसर्च के आम आदमी के हित में इस्तेमाल पर जोर दिया।
समाचार एसेंजी आईएएनएस से बातचीत में कार्यक्रम में भाग लेने आई वैज्ञानिक डॉ.श्वेता ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि एआई अन्य तकनीकों का इस्तेमाल हथियारों के रूप में करने के बजाय, मानवता की सेवा के लिए कैसे किया जा सकता है। ऐसी टेक्नोलॉजी विकसित करने पर फोकस करना चहिए, जिससे मानव की सेवा की जा सके।"
वहीं, एक अन्य वैज्ञानिक ने आईएएनएस से कहा कि उनका संदेश यह था कि हमें खुद को केवल शोध प्रयोगशालाओं तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए। हमारी रिसर्च आम जनता के लिए समर्पित होना चाहिए।
मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित एक्रोपोलिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च के अनुराग तिवारी ने कहा कि 2047 के लिए प्रधानमंत्री का विजन विज्ञान और तकनीक की मदद से भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कार्यक्रम में एआई और सेमीकंडक्टर के बारे में बात की। प्रधानमंत्री की ओर से रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने से आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेडिशनल मेडिसिन के डॉ. हर्षा एकाडे ने कहा कि आज मैंने ईएसटीआईसी 2026 के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और चल रहे वैज्ञानिक सत्रों में भाग लिया। यह बहुत जानकारीपूर्ण रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि वैज्ञानिकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए और वे 'विकसित भारत' के निर्माण में किस तरह योगदान दे सकते हैं।
वहीं, आईसीएआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ.डी.वी सिंह ने कहा कि संबोधन में पीएम मोदी ने भारत के युवा वैज्ञानिकों, स्टार्टअप प्रतिनिधियों और नवप्रवर्तकों (इनोवेटर्स) से अपील की कि वे विज्ञान और तकनीक के माध्यम से भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए कृषि, ऊर्जा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों जैसी प्राथमिकता वाली जगहों पर ध्यान देना जरूरी है।
आईसीएआर में वैज्ञानिक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि भारत वैश्विक मंच पर उभर रहा है। भारत के भीतर और अन्य देशों में भी लोगों को हमारे देश से बहुत उम्मीदें हैं। इन उम्मीदों को पूरा करने के लिए, सभी वैज्ञानिक हमारे प्रधानमंत्री द्वारा तय किए गए रास्ते और विजन पर चलने और उनके प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
--आईएएनएस
एबीएस
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