
मुंबई. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध की आहट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है. ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर लगाई गई पाबंदियों के बावजूद, भारतीय ध्वज वाले जहाज 'ग्रीन सान्वी' को सुरक्षित रास्ता मिल गया है. यह टैंकर 44,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर मुंबई बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है.
मुख्य बिंदु: ऊर्जा संकट पर प्रहार
सुरक्षित गलियारा: अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव के बीच ईरान ने भारतीय जहाजों को विशेष 'कॉरिडोर' के जरिए निकलने की अनुमति दी है.
सातवीं बड़ी खेप: युद्ध शुरू होने के बाद से यह सातवां भारतीय जहाज है जिसने होर्मुज की बाधा को पार किया है.
मुंबई में दस्तक: 'ग्रीन सान्वी' शुक्रवार शाम को फारस की खाड़ी से निकलकर अब अरब सागर में है और जल्द ही मुंबई पहुंचेगा.
लाइन में खड़े हैं 17 और टैंकर
राहत की खबर के साथ-साथ चुनौतियां भी बरकरार हैं. वर्तमान में 17 भारतीय जहाज अभी भी होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं और ईरानी क्लीयरेंस का इंतजार कर रहे हैं.
विशेष अपडेट: इन 17 जहाजों में 'ग्रीन आशा' और 'जग विक्रम' नामक दो अन्य टैंकर भी शामिल हैं जो पूरी तरह एलपीजी से लदे हुए हैं. यदि इन्हें भी जल्द हरी झंडी मिलती है, तो घरेलू बाजार में एलपीजी की किल्लत पूरी तरह समाप्त हो सकती है.
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