
तेहरान/वॉशिंगटन/कोच्चि. अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब अपने आठवें दिन में प्रवेश कर चुकी है. शनिवार को अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक निजी न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में घोषणा की है कि "आज रात ईरान पर अब तक का सबसे भीषण हमला" किया जाएगा. इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल मारक क्षमता को पूरी तरह ध्वस्त करना है.
प्रमुख सैन्य घटनाक्रम
मेहराबाद एयरपोर्ट पर हमला: शुक्रवार देर रात इजराइली वायुसेना ने तेहरान के रणनीतिक मेहराबाद एयरपोर्ट को निशाना बनाया. चश्मदीदों के अनुसार, धमाकों के बाद रनवे पर खड़े विमानों में आग लग गई और पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया.
अमेरिका का लक्ष्य: वित्त मंत्री बेसेंट के अनुसार, आने वाले घंटों में अमेरिकी और इजराइली सेनाएं ईरान के मिसाइल लॉन्चर्स और निर्माण फैक्ट्रियों पर सटीक हमले करेंगी ताकि तेहरान की पलटवार करने की शक्ति को कमजोर किया जा सके.
रूस की खुफिया मदद: वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, रूस इस युद्ध में पर्दे के पीछे से ईरान की मदद कर रहा है. आरोप है कि मॉस्को ने ईरान को मध्य-पूर्व में तैनात अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन साझा की है ताकि ईरान उन्हें निशाना बना सके.
भारत के कोच्चि में रुका ईरानी युद्धपोत
जंग के बीच एक अहम मोड़ भारत के केरल तट पर देखने को मिल रहा है. ईरान का युद्धपोत IRIS लावन (IRIS Lavan) फिलहाल कोच्चि बंदरगाह पर डॉक किया गया है.
तकनीकी खराबी: 28 फरवरी को तकनीकी समस्या आने के बाद ईरान ने भारत से मानवीय आधार पर मदद मांगी थी.
सुरक्षित शरण: भारत ने 1 मार्च को मंजूरी दी और 4 मार्च को यह जहाज कोच्चि पहुँचा. इसके 183 क्रू मेंबर वर्तमान में भारतीय नौसेना की सुरक्षित सुविधाओं में ठहरे हुए हैं.
पृष्ठभूमि: गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका ने श्रीलंका के तट के पास ईरानी युद्धपोत IRIS देना को डुबा दिया था, जिसमें 87 नौसैनिक मारे गए थे. IRIS लावन ने हाल ही में भारत में आयोजित 'मिलान 2026' अभ्यास में हिस्सा लिया था.
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