
तेहरान. मध्य-पूर्व (Middle East) में तनाव की आग बुझने का नाम नहीं ले रही है। ईरान ने एक बार फिर कड़े तेवर दिखाते हुए दुनिया को स्पष्ट कर दिया है कि उसके लिए हालात अभी भी 'जंग' जैसे ही बने हुए हैं। ईरानी सेना के प्रवक्ता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि दुश्मन इसे युद्ध का अंत न समझे, क्योंकि उनकी सेनाएं 'हाई अलर्ट' पर हैं।
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना के आधिकारिक प्रवक्ता ने हालिया बयान में कहा कि ईरान मौजूदा स्थिति को किसी भी तरह से सामान्य नहीं मानता। उन्होंने कहा, "युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है। हमारी सेना और खुफिया एजेंसियां 24 घंटे मॉनिटरिंग और सर्विलांस कर रही हैं। दुश्मन की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर हमारी पैनी नजर है।"
ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में इजरायल और अमेरिका के साथ उसके संबंधों में भारी कड़वाहट और सैन्य टकराव की आशंका बनी हुई है।
ईरान ने इस बार केवल जवाबी कार्रवाई की बात नहीं की, बल्कि रणनीति बदलने की भी चेतावनी दी है। प्रवक्ता ने सीधे शब्दों में कहा कि अगर उनके देश के खिलाफ कोई भी नई सैन्य कार्रवाई या उकसावा होता है, तो ईरान का जवाब पुराने ढर्रे पर नहीं होगा।
ईरान की नई रणनीति के तीन प्रमुख स्तंभ होंगे:
नए हथियार: ऐसे हथियारों का इस्तेमाल जिनका पहले कभी परीक्षण या उपयोग नहीं किया गया।
नए तरीके: युद्ध की परंपरागत तकनीकों के बजाय हाइब्रिड और आधुनिक सैन्य तरीकों का इस्तेमाल।
नए मोर्चे: युद्ध को केवल एक सीमा तक सीमित न रखकर नए भौगोलिक क्षेत्रों और मोर्चों तक फैलाना।
ईरानी प्रवक्ता के अनुसार, देश की सुरक्षा एजेंसियां हाई-डेफिनिशन सर्विलांस सिस्टम और सैटेलाइट्स के जरिए सीमावर्ती इलाकों और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र की निगरानी कर रही हैं। उनका दावा है कि किसी भी घुसपैठ या साइबर हमले को रोकने के लिए उनका डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तैयार है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह रुख मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) का हिस्सा भी हो सकता है, ताकि वह अपने दुश्मनों को किसी भी संभावित हमले से पीछे हटने पर मजबूर कर सके।
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