
वाशिंगटन/तेहरान. अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध के छठे दिन वैश्विक राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है. अमेरिकी सीनेट ने बुधवार को उस 'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन' (War Powers Resolution) को खारिज कर दिया है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान के खिलाफ बिना संसदीय अनुमति के सैन्य कार्रवाई करने से रोकना था.
मतदान के दौरान प्रस्ताव के पक्ष में 47 और विरोध में 53 वोट पड़े. रिपब्लिकन बहुमत वाली सीनेट में इस प्रस्ताव के गिरने का सीधा अर्थ है कि व्हाइट हाउस अब अपनी 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी' (Operation Epic Fury) के तहत ईरान पर हमले जारी रख सकता है.
परमाणु युद्ध की धमकी और भारी तबाही
युद्ध के पिछले 100 घंटों में अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर 5,000 से अधिक बम गिराए हैं और समुद्री संघर्ष में ईरान के 20 युद्धपोत डुबा दिए हैं.
इस संघर्ष में अब तक 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है. जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट के 9 देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दागी हैं. ईरान ने अब सीधी चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने 'सत्ता परिवर्तन' की कोशिश की, तो वे इजराइल के डिमोना न्यूक्लियर सेंटर (Dimona Nuclear Center) को निशाना बनाएंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में परमाणु विकिरण का खतरा पैदा हो सकता है.
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