Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने एस. जयशंकर के साथ बातचीत को बताया सार्थक, होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा का दिया भरोसा


नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भारत दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई बातचीत को सार्थक बताया। उन्होंने कहा कि ईरान सभी मित्र देशों के लिए एक भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा, जो उनके व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।

नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भारत दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई बातचीत को सार्थक बताया। उन्होंने कहा कि ईरान सभी मित्र देशों के लिए एक भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा, जो उनके व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।

अराघची ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्‍ट क‍िया, ''अपने मेजबान भारत के व‍िदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ सार्थक बातचीत में हमने क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की और यह स्पष्ट किया कि ईरान होर्मुज में सुरक्षा के रक्षक के तौर पर अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी हमेशा निभाएगा। ईरान सभी मित्र राष्ट्रों का एक भरोसेमंद साझेदार है, जो अपने व्यापार की सुरक्षा के लिए उस पर भरोसा कर सकते हैं।''

अराघची ने कहा कि तेहरान भारत के साथ अपने रिश्तों को बहुत महत्व देता है और दोनों देशों की फारस की खाड़ी से जुड़े मुद्दों पर समान चिंताएं और हित हैं।

होर्मुज स्‍ट्रेट के बारे में हमारी भी यही इच्छा है कि यह पूरी तरह खुला रहे। हमारी तरफ से यह खुला है और सभी जहाज यहां से गुजर सकते हैं। होर्मुज स्‍ट्रेट सामान्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला रहेगा, लेकिन उन देशों के जहाजों को इसमें प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जो ईरान के साथ संघर्ष में शामिल हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब यह जलमार्ग वैश्विक तेल और व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा क‍ि जो जहाज यहां से गुजरना चाहते हैं, उन्हें हमारी सेना से संपर्क करना होगा, क्योंकि वहां कुछ बारूदी सुरंगें और रुकावटें मौजूद हैं। हम उन्हें सुरक्षित रास्ता दिखाएंगे, जैसा कि हमने कई भारतीय जहाजों के लिए किया है। सभी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही हमारी नीति है और हम उनकी मदद करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा क‍ि चाबहार बंदरगाह भारत और ईरान के सहयोग का एक प्रतीक है और हमें खुशी है कि इसके विकास में भारतीयों ने अहम भूमिका निभाई है। यह अभी अमेरिका के प्रतिबंधों की वजह से थोड़ा धीमा हो गया है, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि यह बंदरगाह भारत के लिए मध्य एशिया, काकेशस और आगे यूरोप तक पहुंच का एक 'सुनहरा द्वार' बनेगा। साथ ही यूरोप, मध्य एशिया और अन्य देशों के लिए भी यह भारतीय महासागर तक पहुंच का रास्ता बनेगा।

--आईएएनएस

एवाई/वीसी

Share:

Leave A Reviews

Related News