नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बसंल ने नेपाल में आई बाढ़ को दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बताते हुए इसमें जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।
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नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बसंल ने नेपाल में आई बाढ़ को दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बताते हुए इसमें जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।
उन्होंने गुरुवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में इस बात पर जोर देते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद का परिवार ऐसे सभी लोगों के साथ हैं, जिन्हें अपनी जान इस आपदा के चपेट में आकर गंवानी पड़ी। यह आपदा न केवल नेपाल बल्कि तिब्बत भी इससे प्रभावित हुआ है और खबर है कि भारत के सीमावर्ती इलाके भी प्रभावित हो सकते हैं। इस मुश्किल घड़ी में भारत नेपाल के साथ खड़ा है। कल ही हमारे संगठन के महामंत्री बजरंग भागड़ा ने बयान जारी कर कहा था कि इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति हमारी संवेदना है बल्कि इस मुश्किल घड़ी में भी भारत नेपाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। विश्व हिंदू परिषद भी इस मुश्किल घड़ी में नेपाल को मदद मुहैया कराएगा। हम नेपाल को राहत सामग्री पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। इस दिशा में हम किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतेंगे।
उन्होंने कहा कि जो लोग इस मुश्किल घड़ी में फंसे हुए हैं, उन्हें बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं। नेपाल की आपदा को लेकर लगातार समाचार सामने आ रहे हैं। हालांकि, तिब्बत में क्या हो रहा है? इस बारे में जानकारी सामने नहीं आ रही है। चीन की तरफ से मीडिया पर जिस तरह का कब्जा किया गया है, उसकी वजह से कुछ बातों को छिपाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में चीन को यह साफ करना होगा कि तिब्बत की मौजूदा स्थिति कैसी है? तिब्बत में कितना नुकसान हुआ है? तिब्बत में कितने लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा? इस बारे में पूरी जानकारी साफ होनी चाहिए, ताकि पूरी तस्वीर साफ हो सके। विश्व हिंदू परिषद चाहता है कि उस कारण का अध्ययन किया जाए, जिससे यह बात सामने आ सके कि आखिर यह बाढ़ कैसे आई।
वहीं, मुस्लिम महिलाओं की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरोध में किए गए प्रदर्शन पर उन्होंने कहा, कांग्रेस में एक महिला विरोधी गैंग है, जो बात तो महिलाओं के अधिकारों की करता है लेकिन उन्हें संविधान में दिए अधिकारों से वंचित भी रखता है। इस तरह से ये लोग दोहरा मापदंड अपनाकर रखते हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। जब महिलाओं को ट्रिपल तलाक और बुर्के से आजादी दिलाने की बात आती है, तो कांग्रेस के लोग पीछे हट जाते हैं। आज जिस तरह से मुस्लिम महिलाएं हलाला का शिकार हो रही हैं, जिस तरह से उन पर अत्याचार किया जा रहा है, उसे लेकर मुस्लिम समुदाय के लोग खामोश बैठे हैं। मेरा यही सवाल है कि आखिर आप लोग कब तक कट्टरपंथियों के आगे सरेंडर होते रहेंगे।
साथ ही, उन्होंने वंदे मातरम को लेकर छिड़े विवाद की भी आलोचना की। उनके मुताबिक, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस को पूरा राष्ट्रगीत गाने में दिक्कत हो रही है। आखिर कांग्रेस को वंदे मातरम से क्या दिक्कत है? वो क्यों नहीं पूरा राष्ट्रगीत गा सकते हैं? आखिर बाकी के छंदों में ऐसा क्या है कि कांग्रेस के लोग उसे नहीं गा सकते हैं? ये लोग जिहादी मानसिकता से ग्रसित होने की वजह से इस गीत को नहीं गा रहे हैं। ये लोग अपना एजेंडा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
इसके अलावा, उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रहे अत्याचार की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, जिस तरह से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है, उन्हें अत्याचार का सामना करना पड़ रहा है, वो दुखद है। बांग्लादेश सरकार को इस बारे में संज्ञान लेना चाहिए।
--आईएएनएस
एसएचके/पीएम
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