नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने गुरुवार को मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) का कार्यक्रम जारी किया। इसके तहत 1 जनवरी, 2027 को अर्हता तिथि माना जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी, 2027 को प्रकाशित की जाएगी।
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नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने गुरुवार को मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) का कार्यक्रम जारी किया। इसके तहत 1 जनवरी, 2027 को अर्हता तिथि माना जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी, 2027 को प्रकाशित की जाएगी।
उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल सहित 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को लिखे पत्र में निर्वाचन आयोग ने कहा कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया चल रही है या हाल ही में पूरी हुई है, वहां एसएसआर का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।
आयोग ने कहा, “जिन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर चल रहा है या हाल ही में पूरा हुआ है, यानी आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना, वहां एसएसआर का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।”
आधिकारिक परिपत्र में कहा गया कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अभी तक एसआईआर शुरू नहीं हुआ है। इन तीनों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्यक्रम उचित समय पर घोषित किया जाएगा।
एसएसआर कार्यक्रम के अनुसार, मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थापन 2 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर को एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
आयोग ने कहा कि एसएसआर से संबंधित दावों और आपत्तियों का निपटारा 28 दिसंबर तक किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी को प्रकाशित होगी।
निर्वाचन आयोग का 15 अक्टूबर को जारी पत्र अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को संबोधित था।
पत्र में कहा गया, “जैसा कि आप जानते हैं, आयोग ने 29 सितंबर, 2026 को जारी निर्देशों के तहत छूट गए मतदाताओं, युवाओं और पहली बार पात्र होने वाले मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।”
आयोग ने कहा कि 1 जनवरी, 2027 की अर्हता तिथि के संदर्भ में पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने और 2027 की तीन अन्य अर्हता तिथियों, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर के लिए अग्रिम आवेदन प्राप्त करने की सुविधा देने के उद्देश्य से मौजूदा मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण किया जाएगा।
पत्र में कहा गया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1 जनवरी, 2027 को अर्हता तिथि मानते हुए एसएसआर कराया जाएगा। इसमें वे राज्य भी शामिल हैं, जहां अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
आधार संख्या के इस्तेमाल को लेकर आयोग ने अपने आधिकारिक रुख को स्पष्ट करते हुए कहा, “आवेदक फॉर्म-6 और फॉर्म-8 में स्वेच्छा से आधार संख्या दे सकता है। हालांकि, मतदाता सूची में नाम शामिल करने के किसी भी आवेदन को केवल आधार संख्या उपलब्ध नहीं कराने या इसकी जानकारी नहीं देने के कारण खारिज नहीं किया जाएगा। इसी तरह, इस आधार पर मतदाता सूची से किसी भी प्रविष्टि को हटाया भी नहीं जाएगा।”
--आईएएनएस
डीएससी
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