
जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार की शाम खुशियां मातम में बदल गईं। पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आए भीषण तूफान और आंधी की चपेट में आकर पानी में समा गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 24 लोगों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बचा लिया है। अभी भी 9 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में सेना और विशेष टीमें जुटी हुई हैं।
हादसा तट से महज 300 मीटर की दूरी पर हुआ। चश्मदीदों के मुताबिक, शाम के समय अचानक मौसम बदला और तेज आंधी चलने लगी। क्रूज के पायलट महेश, जिन्हें 10 साल का अनुभव है, उन्होंने बताया कि तूफान इतना शक्तिशाली था कि क्रूज को संभालने का मौका ही नहीं मिला। क्रूज अनियंत्रित होकर एक तरफ झुक गया और देखते ही देखते गहरे पानी में डूब गया। हादसे के वक्त क्रूज पर करीब 40 से 45 पर्यटक सवार थे।
हादसे की खबर मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन रात के अंधेरे और खराब मौसम ने बचाव कार्य में मुश्किलें पैदा कीं। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना (Army) को बुलाया है।
विशेष टीमें: हैदराबाद से एक विशेष टीम और हेलिकॉप्टर रेस्क्यू के लिए रवाना किए गए हैं।
कोलकाता से मदद: कोलकाता से पैरामिलिट्री की एक एक्सपर्ट टीम जबलपुर पहुंच चुकी है।
तकनीकी प्रयास: 20 फीट गहरे पानी में फंसे क्रूज को निकालने के लिए हाइड्रॉलिक मशीनों और पोकलेन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस संवेदनशील मामले में प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। जब उनसे नर्मदा नदी में पेट्रोल-डीजल वाली बोट्स के संचालन पर प्रतिबंध को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस रोक के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनके इस गैर-जिम्मेदाराना बयान की विपक्ष और सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना हो रही है।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है और हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि क्या क्रूज पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे और क्या सुरक्षा मानकों (लाइफ जैकेट आदि) का पालन किया गया था।
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