
जबलपुर हनुमानताल क्षेत्र में बुधवार शाम उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब सवारियों से भरा एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर सीधे हनुमानताल तालाब में जा घुसा। दमोह नाका से हनुमानताल की ओर जा रहे इस ई-रिक्शा में महिलाओं सहित करीब 4 से 5 सवारियां मौजूद थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रिक्शा चालक शराब के नशे में बुरी तरह धुत था, जिसके कारण वह वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और सड़क छोड़ रिक्शा सीधे ढलान से तालाब की ओर ले गया।
यह घटना किसी बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी, लेकिन तालाब के किनारे पड़ा एक बड़ा पत्थर इन सवारियों के लिए 'देवदूत' साबित हुआ। जैसे ही ई-रिक्शा पानी की गहराई की ओर बढ़ा, उसका अगला पहिया किनारे के एक पत्थर में जोर से फंस गया। इस अवरोध की वजह से रिक्शा गहरे पानी में समाने से रुक गया। यदि वह पत्थर वहां नहीं होता, तो ई-रिक्शा सीधे गहरे जलाशय में पलट जाता, जिससे भीतर बैठी सवारियों का बचना मुश्किल हो जाता।
हादसा होते ही आसपास मौजूद नागरिक तुरंत मदद के लिए दौड़े। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए रिक्शा में फंसी घबराई हुई महिलाओं और अन्य यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद स्थानीय युवकों ने लकड़ी और रस्सियों के सहारे सामूहिक प्रयास करते हुए ई-रिक्शा को जलाशय से खींचकर बाहर निकाला। गनीमत यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई और सभी यात्री सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
क्षेत्रीय नागरिकों ने चालक की इस लापरवाही पर कड़ा आक्रोश जताया है। हालांकि, पुलिस की ओर से चालक के नशे में होने की मेडिकल पुष्टि अभी प्रक्रिया में है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि हनुमानताल तालाब के किनारों पर मजबूत रैलिंग या सुरक्षा दीवार बनाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके। फिलहाल, नशे में वाहन चलाकर दूसरों की जान जोखिम में डालने वाले चालक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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