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जल जीवन मिशन में भारी भ्रष्टाचार, गांवों में अब भी नहीं पहुंचा पानी: रामजी लाल सुमन


नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने जल जीवन मिशन, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-सपा गठबंधन और अयोध्या राम मंदिर के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने जल जीवन मिशन में कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि योजना के तहत बड़े पैमाने पर काम होने के दावे के बावजूद कई गांवों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाया है। वहीं, उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन को जरूरी बताते हुए दोनों दलों से जमीनी हकीकत के आधार पर व्यावहारिक रुख अपनाने की अपील की।

नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने जल जीवन मिशन, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-सपा गठबंधन और अयोध्या राम मंदिर के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने जल जीवन मिशन में कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि योजना के तहत बड़े पैमाने पर काम होने के दावे के बावजूद कई गांवों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाया है। वहीं, उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन को जरूरी बताते हुए दोनों दलों से जमीनी हकीकत के आधार पर व्यावहारिक रुख अपनाने की अपील की।

जल शक्ति विभाग से जुड़े कथित घोटाले पर रामजी लाल सुमन ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। केंद्र सरकार ने 2019 में जल जीवन मिशन शुरू किया था, जिसका उद्देश्य गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के दावों के बावजूद जमीनी स्थिति अलग है। कई जगह गांवों में खुदाई कर पाइपलाइन बिछाई गई और पानी की टंकियां बनाई गईं, लेकिन लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। जल जीवन मिशन के तहत हुए कथित घपले और भ्रष्टाचार की पूरी जांच होनी चाहिए। योजना को लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है, इसलिए इसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

उन्होंने सरकार द्वारा करीब 82 प्रतिशत लोगों तक पानी पहुंचाने के कथित आंकड़े पर भी सवाल उठाते हुए इसे जमीनी हकीकत से अलग बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार फर्जी आंकड़े पेश कर रही है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से कथित तौर पर 115 से 120 सीटों पर दावा किए जाने के सवाल पर सुमन ने कहा कि राजनीतिक दलों का दृष्टिकोण व्यावहारिक होना चाहिए। मौजूदा परिस्थितियों में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गठबंधन होना बेहद जरूरी है। गठबंधन की सफलता के लिए दोनों दलों को आत्मचिंतन करना होगा और यह देखना होगा कि जमीनी स्तर पर उनकी वास्तविक स्थिति क्या है। समाजवादी पार्टी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को गठबंधन को लेकर बातचीत के लिए अधिकृत किया है।

उन्होंने कहा कि गठबंधन के हित में यही बेहतर होगा कि सीटों के बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर वास्तविक राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखा जाए। केवल दावों के आधार पर रणनीति बनाने के बजाय जमीनी हकीकत को प्राथमिकता देनी चाहिए।

अयोध्या राम मंदिर को नया सीईओ मिलने के सवाल पर रामजी लाल सुमन ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था के लिए सीईओ की नियुक्ति अलग विषय है, लेकिन मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच अधिक महत्वपूर्ण है। अयोध्या में मंदिर निर्माण और ट्रस्ट से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताएं हुई हैं और छोटे कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई की गई, जबकि बड़े लोगों की भूमिका पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। सपा की शुरुआत से ही राय रही है कि राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कर पाएगी। मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश या संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराई जानी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार में प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की गई है। सीईओ की नियुक्ति से मंदिर के प्रशासन में सुधार हो सकता है, लेकिन कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना भी जरूरी है।

--आईएएनएस

पीएसके

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