डोडा, 4 जून (आईएएनएस)। नशीले पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए डोडा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत लगभग 52 लाख रुपए मूल्य की एक आवासीय संपत्ति को कुर्क (अटैच) कर लिया है।
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डोडा, 4 जून (आईएएनएस)। नशीले पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए डोडा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत लगभग 52 लाख रुपए मूल्य की एक आवासीय संपत्ति को कुर्क (अटैच) कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई थाना डोडा में दर्ज एफआईआर संख्या 93/2026 के संबंध में की गई है। यह मामला एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/22/29/25/27ए/20 के तहत दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में मादक पदार्थ, नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी, जिससे आरोपियों की अवैध नशा तस्करी गतिविधियों में संलिप्तता के संकेत मिले थे।
मामले की जांच थाना डोडा के एसएचओ तारिक अहमद द्वारा की गई, जिसकी निगरानी डीएसपी मुख्यालय डोडा कृष्ण रतन कर रहे थे। जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की भी गहन पड़ताल की गई। पुलिस की जांच में यह सामने आया कि डोडा के सादिकाबाद क्षेत्र में स्थित बेसमेंट सहित दो मंजिला आवासीय मकान, जो जरीना बेगम पत्नी स्वर्गीय गुलाम अली के नाम पर है, कथित तौर पर नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी से अर्जित धन से खरीदा गया था।
विस्तृत वित्तीय जांच के बाद इस संपत्ति का मूल्यांकन लगभग 51.91 लाख रुपए किया गया। इसके आधार पर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत संपत्ति को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगी।
डोडा पुलिस ने कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि नशे के कारोबार की आर्थिक जड़ों पर प्रहार कर ही इस अवैध नेटवर्क को प्रभावी ढंग से समाप्त किया जा सकता है।
डोडा मुख्यालय के डीएसपी श्री कृष्ण रतन ने कहा कि यह संपत्ति जरीना बेगम की है। यह मकान अपराध से प्राप्त आय से बनाया गया है। इसलिए इस संपत्ति को अटैच कर लिया गया है। इसके अलावा, मामले से संबंधित मुख्य आरोपी और अन्य सह-आरोपियों के बैंक खातों में जमा पैसे भी सीज कर दिए गए हैं। अभी तक इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच जारी है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कानून के अनुसार जो भी कार्रवाई बनती है, वह की जाएगी।
--आईएएनएस
पीएसके
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