Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

जम्मू के डिविजनल कमिश्नर ने श्री शिव खोड़ी श्राइन बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की


जम्मू, 13 जून (आईएएनएस)। जम्मू के डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने शनिवार को रानसू में श्री शिव खोड़ी श्राइन बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में श्राइन बोर्ड के कामकाज की समीक्षा की गई और पवित्र तीर्थस्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सुविधाओं को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा की गई।

जम्मू, 13 जून (आईएएनएस)। जम्मू के डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने शनिवार को रानसू में श्री शिव खोड़ी श्राइन बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में श्राइन बोर्ड के कामकाज की समीक्षा की गई और पवित्र तीर्थस्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सुविधाओं को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा की गई।

श्राइन बोर्ड के कामकाज की समीक्षा करते हुए, डिविजनल कमिश्नर ने कहा कि पवित्र तीर्थस्थल पर बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार करने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। डिविजनल कमिश्नर ने निर्देश दिया कि तीर्थस्थल के पास और तीर्थयात्रा मार्ग पर दुकानों के लिए जल्द से जल्द टेंडर जारी किए जाएं और श्राइन परिसर के भीतर प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने पर जोर दिया।

बैठक के दौरान, कई विकास कार्यों के लिए मौके पर ही मंजूरी दी गई। डिविजनल कमिश्नर ने हेलीपैड के आसपास की व्यवस्थाओं, विशेष रूप से अग्नि सुरक्षा बुनियादी ढांचे की स्थापना का जायजा लिया और संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।

हाल ही में जम्मू के डिविजनल कमिश्नर ने अमरनाथ यात्रा को लेकर रामबन जिले का दौरा किया और आने वाली श्री अमरनाथ यात्रा- 2026 के सुचारू और सफल आयोजन के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने नशरी से बनिहाल तक नेशनल हाईवे-44 को फोरलेन का बनाने के प्रोजेक्ट की प्रगति का भी आकलन किया।

दूसरी ओर, हाल ही में जम्मू के डिविजनल कमिश्नर ने बाढ़ की तैयारी और मानसून के इंतजामों की समीक्षा की। उन्होंने आने वाले मानसून को देखते हुए बाढ़ की तैयारी के लिए जिला प्रशासन और विभागों के प्रमुखों द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिया कि वे तुरंत कार्रवाई, जरूरी सेवाओं को बहाल करने और बाढ़ से बचाव के प्रयासों के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाएं।

उन्होंने उनसे अपने-अपने जिलों में नदियों और अन्य जल निकायों में जल स्तर की लगातार निगरानी करने को कहा। पहाड़ी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों से कहा गया कि वे संवेदनशील इलाकों में ढलानों की स्थिरता की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम भेजें और पहले से ही जरूरी उपाय करें। जिलों में भूस्खलन और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों की पहचान करें और उसी के अनुसार बचाव की योजना बनाएं। सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को ट्रेनिंग देने और स्थानीय निवासियों की भागीदारी के साथ मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम

Share:

Leave A Reviews

Related News