पटना, 22 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ की घटना पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक और विधायक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार पर कई सवाल खड़े किए।
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पटना, 22 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ की घटना पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक और विधायक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार पर कई सवाल खड़े किए।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया जाएगा। बाद में उसे रिहा कर दिया जाएगा। मैं हमेशा कहता हूं कि किस्मत भी एक कारक होती है। बिहार के लोग अब देखेंगे कि ऐसे जघन्य अपराध करने वाले नाबालिग भी कुछ समय बाद रिहा हो जाएंगे क्योंकि उन्हें नाबालिग माना जाता है। यही बात सम्राट चौधरी पर भी लागू होती है। जिन लोगों ने अपराध किए, वे इसलिए छूट गए क्योंकि उन्होंने नाबालिग होने का दावा किया था।"
प्रशांत ने कहा, "अगर घटनाओं की सूची बनाया जाए, तो पिछले छह महीनों में ऐसी कम से कम 20 घटनाएं हुई हैं। इससे वही बात साबित होती है जो मैं बिहार की जनता से बार-बार कहता रहा हूं, अगर आप अपराध और अपराधियों को संरक्षण देंगे और उन्हें वोट देकर मजबूत करेंगे, तो आप अपराध-मुक्त सरकार और समाज की कल्पना भी नहीं कर सकते। जो लोग प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर वोट मांगने आते हैं, उनसे पूछने की जरूरत है कि पीएम इस बच्ची के लिए क्या कहेंगे।"
प्रशांत किशोर ने कहा, "मैं कह रहा हूं कि जो लोग 20 साल से 'जंगल राज' का डर दिखाकर राज कर रहे हैं, उन्हें अब जवाब देना होगा। हमें बताएं, यह कैसा शासन है? वह जंगल राज था लेकिन यह कैसा 'मंगल राज' है? जहां लड़कियों के साथ खुलेआम छेड़छाड़ और बदसलूकी हो रही है और हत्याएं हो रही हैं। यह कैसा शासन है।"
बिहार के मंत्री श्रवण कुमार के बयान पर प्रशांत किशोर ने कहा, "यह उनकी सोच को दिखाता है। यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है लेकिन बिहार की जनता को यह देखना चाहिए कि अगर यह कोई इक्का-दुक्का घटना है, अगर यह कोई अपवाद है, तो फिर नीट छात्र वाली घटना क्या थी? बेगूसराय की वह घटना क्या थी, जिसमें एक लड़की को रात में उसके पिता के सामने होटल से खींचकर बाहर निकालने की कोशिश की गई थी? रोशन यादव, बंटी यादव और कई अन्य लोगों की हत्याएं क्या थीं? अगर यह 'छिटपुट' घटना है तो गंभीर घटना क्या है, वो बता दो।"
प्रशांत किशोर ने कहा, "यह बहुत भयानक और डरावना है। जिन लोगों ने खुद को 'सोशल मोरल पुलिस' मान लिया है और एक नाबालिग लड़की के साथ ऐसा अपराध किया, और फिर उसका वीडियो बनाकर जारी किया, उससे पता चलता है कि समाज से सरकार का डर कहीं न कहीं पूरी तरह खत्म हो गया है। यह बहुत दुखद और डरावनी बात है कि राज्य के मुख्यमंत्री रोज कहते हैं कि अगर कोई किसी को छुएगा, तो वे अगले ही दिन इस्तीफा दे देंगे। यह घटना तीन-चार दिन पहले हुई थी, फिर भी सरकार, समाज और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। अगर इस घिनौनी हरकत को अंजाम देने वालों ने खुद वीडियो रिकॉर्ड करके जारी न किया होता, तो हमें इसके बारे में पता भी नहीं चलता।"
--आईएएनएस
एसडी/पीएम
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