छत्रपति संभाजीनगर, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने के बाद मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
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छत्रपति संभाजीनगर, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने के बाद मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने वाले छात्रों, किसानों और मराठा समाज के मुद्दे उठाने वालों की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है।
मनोज जरांगे पाटील ने कहा कि अब देश में ऐसी स्थिति बन गई है कि क्या कोई लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन भी नहीं कर सकता और छात्रों के सवाल भी नहीं उठा सकता? उन्होंने कहा कि अभिजीत दिपके के मामले की उन्हें पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन उन्हें लगता है कि यह छात्रों से जुड़ा मुद्दा हो सकता है। छात्रों, किसानों और मराठा समाज के सवाल उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
जरांगे पाटील ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से जनता की मांग उठाने वालों की बात सुनने के बजाय उनकी मांगों को गलत साबित करने की कोशिश होती है।
उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन का जिक्र करते हुए वहां पुलिस तैनाती और ट्रैफिक पाबंदियों पर भी सवाल उठाए। मराठा आरक्षण के मुद्दे पर मनोज जरांगे पाटील ने कहा कि मराठा समाज की आरक्षण की मांग जायज है, लेकिन सरकार इसे मानने से बच रही है। मराठा समाज को आरक्षण देने के बजाय समाज में फूट डालने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि वह ईमानदारी से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। अधिकारियों के जरिए दबाव बनाया जाता है और आंदोलन को लेकर अलग-अलग लोगों से मीडिया में बयान दिलवाए जाते हैं। यह सरकार की ओर से किया जा रहा अन्याय है।
जरांगे पाटील ने कहा कि अब महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश की जनता सरकार की कार्यशैली को समझने लगी है। सत्ता और मंत्री पद का दुरुपयोग कर आम लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता अब जागरूक हो चुकी है और सही समय आने पर सरकार को बड़ा सबक सिखाएगी।
--आईएएनएस
वीकेयू/एबीएम
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