Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

जापान ने बताया अमेरिका को भरोसेमंद सहयोगी, भारत ने कहा- बढ़ रही है नौसेना की ताकत


नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। 'इंडो पैसिफिक रीजनल डायलॉग 2026' में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और नौसैनिक सहयोग पर गहन चर्चा हुई। जापान के रिसर्च इंस्टिट्यूट फॉर पीस एंड सिक्योरिटी के अध्यक्ष हिदेशी तोकुची ने जापान को समुद्री देश बताते हुए हिंद-प्रशांत में नौवहन की स्वतंत्रता और अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम बताया। वहीं, भारतीय नौसेना के पूर्व वाइस एडमिरल संजय महिंद्रू ने कहा कि भारतीय नौसेना क्षेत्र की सबसे बड़ी नौसेनाओं में से एक है और हर महीने नया युद्धपोत बेड़े में शामिल हो रहा है।

नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। 'इंडो पैसिफिक रीजनल डायलॉग 2026' में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और नौसैनिक सहयोग पर गहन चर्चा हुई। जापान के रिसर्च इंस्टिट्यूट फॉर पीस एंड सिक्योरिटी के अध्यक्ष हिदेशी तोकुची ने जापान को समुद्री देश बताते हुए हिंद-प्रशांत में नौवहन की स्वतंत्रता और अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम बताया। वहीं, भारतीय नौसेना के पूर्व वाइस एडमिरल संजय महिंद्रू ने कहा कि भारतीय नौसेना क्षेत्र की सबसे बड़ी नौसेनाओं में से एक है और हर महीने नया युद्धपोत बेड़े में शामिल हो रहा है।

जापान में रिसर्च इंस्टिट्यूट फॉर पीस एंड सिक्योरिटी टोक्यो के अध्यक्ष हिदेशी तोकुची ने कहा, "जापान के बारे में मेरे मन में दरअसल दो बातें हैं। जापान समुद्री आवागमन पर निर्भर है। इसलिए जापान के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि वह नौवहन की स्वतंत्रता को साकार करने में योगदान दे, विशेषकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में।"

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह भारतीय दृष्टिकोण से थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन जापान संयुक्त राज्य अमेरिका का बेहद करीबी सहयोगी है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में, विशेषकर प्रशांत महासागर के पश्चिमी हिस्से में, अमेरिकी सेना की मौजूदगी भी बहुत महत्वपूर्ण है।

हिदेशी तोकुची ने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने में जापान की सुरक्षा संबंधी भूमिकाओं में से एक है संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए भरोसेमंद तैनाती का माहौल उपलब्ध कराना और अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय मामलों में, खासकर पूर्वी एशिया की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों में सक्रिय बनाए रखना। यह पूर्वी एशिया और पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

भारतीय नौसेना के पूर्व वाइस एडमिरल संजय महिंद्रू ने कहा कि भारतीय नौसेना हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सबसे बड़ी नौसेनाओं में से एक है। नौसेना की कई भूमिकाएं होती हैं। एक है युद्ध करना, आपदाओं के दौरान राहत पहुंचाना, समुद्री डकैती पर नियंत्रण करना, दूसरे छोटे देशों की मदद करना, उनका जल सर्वेक्षण करना और उन्हें अपने समुद्री क्षेत्र में आने वाले जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं के बारे में जानकारी देना।

उन्होंने कहा कि कई छोटे देशों के पास यह जानने की क्षमता नहीं होती कि उनके समुद्री क्षेत्र में कौन आया है और कौन नहीं। इसलिए हमें भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ानी चाहिए, क्योंकि उसकी जिम्मेदारी का क्षेत्र बहुत बड़ा है। हम आज भी चौबीसों घंटे साल के 365 दिन अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहते हैं, फिर भी हमें लगता है कि हम अपना काम पूरी तरह नहीं कर पा रहे हैं।

संजय महिंद्रू ने कहा कि पिछले साल और इस साल, लगभग हर महीने कार्वेट श्रेणी से लेकर विध्वंसक श्रेणी तक का एक नया जहाज नौसेना के बेड़े में शामिल हो रहा है। देश की समृद्धि और वाणिज्य बढ़ने के साथ-साथ नौसेना की ताकत भी बढ़ती रहेगी, क्योंकि आपका अधिकांश व्यापार समुद्र के रास्ते होता है, इसलिए उसी अनुपात में आपकी नौसेना भी विकसित होती रहेगी। हमारी नौसेना स्थिर नहीं है। यह लगातार बढ़ती रहेगी और देश में स्थिरता तथा समृद्धि लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।

--आईएएनएस

केके/वीसी

Date & Time : 2026-11-03 20:30:03

Share:

Leave A Reviews

Related News