Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक वेबेल एजेंसी से जुड़े दो कर्मचारी गिरफ्तार


रांची, 27 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (सीजीएल) परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

रांची, 27 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (सीजीएल) परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोमेश प्रकाश और राहुल के रूप में हुई है। दोनों परीक्षा संचालन से जुड़ी तकनीकी और प्रबंधकीय जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसी ‘वेबेल’ से जुड़े बताए जा रहे हैं। एसआईटी सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच के दौरान जुटाए गए डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों की गतिविधियों की पड़ताल में सोमेश प्रकाश और राहुल की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

जांच में सामने आया कि परीक्षा की प्रक्रिया से जुड़े संवेदनशील कार्यों तक उनकी पहुंच थी। इसी पहुंच का कथित तौर पर दुरुपयोग कर प्रश्नपत्र लीक करने में मदद पहुंचाने का आरोप दोनों पर है। सीआईडी की जांच में पेपर लीक के पूरे नेटवर्क को लेकर कई स्तरों पर पड़ताल की जा रही है। इसमें प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर उसके सुरक्षित रखे जाने, परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने और अभ्यर्थियों के बीच प्रसारित होने तक की पूरी प्रक्रिया को जांच के दायरे में रखा गया है।

इसी क्रम में तकनीकी एजेंसी से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी जांची जा रही थी। एसआईटी अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपियों ने किस स्तर पर परीक्षा संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल की और उसे आगे किसके माध्यम से पहुंचाया गया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी गई है।

पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रश्नपत्र लीक की योजना कब तैयार हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और लीक प्रश्नपत्र कितने अभ्यर्थियों तक पहुंचा। इसके अलावा प्रश्नपत्र के बदले किसी तरह के आर्थिक लेन-देन की बात सामने आई है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

एसआईटी डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, कॉल डिटेल और डिजिटल संपर्कों के जरिए आरोपियों के संपर्क में रहे लोगों की पहचान की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र लीक होने के बाद उसे किस माध्यम से अलग-अलग अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीएससी

Share:

Leave A Reviews

Related News