रांची, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। झारखंड में आंदोलन कर रहे चिकित्सकों की प्रमुख मांगों पर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के साथ हुई बैठक में सहमति बनी। इसके बाद चिकित्सकों ने 22 अक्टूबर से प्रस्तावित कार्य बहिष्काकर आंदोलन स्थगित कर दिया है है। छठ पर्व के बाद विभाग और चिकित्सक संगठनों की फिर बैठक होगी, जिसमें बाकी मांगों पर चर्चा की जाएगी।
![]()
रांची, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। झारखंड में आंदोलन कर रहे चिकित्सकों की प्रमुख मांगों पर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के साथ हुई बैठक में सहमति बनी। इसके बाद चिकित्सकों ने 22 अक्टूबर से प्रस्तावित कार्य बहिष्काकर आंदोलन स्थगित कर दिया है है। छठ पर्व के बाद विभाग और चिकित्सक संगठनों की फिर बैठक होगी, जिसमें बाकी मांगों पर चर्चा की जाएगी।
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ हुई बैठक में भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए), झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (झासा) और अन्य चिकित्सक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में चिकित्सकों की पदोन्नति, सुरक्षा, अस्पतालों के पंजीकरण और रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रोत्साहन राशि सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी को नोडल पदाधिकारी नियुक्त करने की पुरानी व्यवस्था फिर से लागू करने पर सहमति बनी। इंटर्न, जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अनियमितताओं को दूर कर इसे नियमित करने पर भी सहमति बनी।
अस्पतालों के पंजीकरण और प्रमाणन की प्रक्रिया सरल करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने पर भी विभाग की ओर से सहमति जताई गई है। इससे अस्पतालों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को अलग-अलग प्रक्रियाओं के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है। अस्पतालों में न्यूनतम बिस्तरों की संख्या के संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों में 30 और शहरी क्षेत्रों में 40 बिस्तरों की व्यवस्था पर भी सहमति बनी।
वार्ता में विभाग की ओर से आश्वस्त किया गया कि चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण से जुड़े कानून में संशोधन के लिए अगले दो महीने में मंत्रिमंडल की मंजूरी हेतु प्रस्ताव भेजा जाएगा। मांगों पर आगे की कार्रवाई के लिए विभाग के स्तर पर एक समन्वय समिति गठित की जाएगी। चिकित्सकों की समयबद्ध पदोन्नति के लिए केंद्र सरकार और बिहार में लागू प्रावधानों के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसका लाभ सामान्य चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों और दोनों संवर्गों के विशेषज्ञ चिकित्सकों को देने पर विचार किया गया। इस मामले में वित्त विभाग के साथ बैठक कर समाधान निकालने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चिकित्सक संगठनों ने बैठक के नतीजों को अपने संयुक्त आंदोलन की उपलब्धि बताया। संगठनों के अनुसार, छठ के बाद होने वाली बैठक में अन्य मांगों पर चर्चा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा और संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला सहित आईएमए, झारखंड हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन और अन्य चिकित्सक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
--आईएएनएस
एसएनसी/एएसएच
Leave A Reviews