Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

झारखंड के कोषागारों से वेतन मद में करोड़ों की फर्जी निकासी में अब ईडी ने शुरू की जांच, दर्ज हुई ईसीआईआर


रांची, 14 मई (आईएएनएस)। झारखंड में राज्य सरकार के कोषागारों से सरकारी कर्मियों के वेतन मद में करोड़ों की फर्जी निकासी के मामले की जांच में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो गई है। ईडी ने इस मामले में ईसीआईआर (एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब तक इस मामले की जांच झारखंड सीआईडी और राज्य सरकार की ओर से गठित विशेष जांच टीम की ओर से की जा रही है।

रांची, 14 मई (आईएएनएस)। झारखंड में राज्य सरकार के कोषागारों से सरकारी कर्मियों के वेतन मद में करोड़ों की फर्जी निकासी के मामले की जांच में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो गई है। ईडी ने इस मामले में ईसीआईआर (एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब तक इस मामले की जांच झारखंड सीआईडी और राज्य सरकार की ओर से गठित विशेष जांच टीम की ओर से की जा रही है।

माना जा रहा है कि ईडी की एंट्री के बाद कई अफसरों और कर्मचारियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। यह मामला रांची, हजारीबाग और बोकारो ट्रेजरी से हुई संदिग्ध निकासी से जुड़ा है। इन्हीं मामलों में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू की है।

जांच एजेंसियों को शक है कि सरकारी खजाने से फर्जी तरीके से पैसे निकाले गए और बाद में उनमें से कुछ रकम वापस भी की गई। इस पूरे खेल में कई अफसरों, यहां तक कि डीएसपी रैंक के अधिकारियों के नाम भी सामने आने की चर्चा है। अब तक पुलिस और एसआईटी की जांच में 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। रांची मामले में पशुपालन विभाग के अकाउंटेंट मुनींद्र कुमार और उसके सहयोगी संजीव कुमार गिरफ्तार किए गए हैं।

जांच में सामने आया कि मुनींद्र कुमार ने अपना बेसिक वेतन ही 20 लाख रुपए दिखाकर फर्जी निकासी कर ली। हजारीबाग मामले में सौरभ सिंह, रजनीश कुमार सिंह, शंभू कुमार, काजल कुमारी, खुशबू सिंह और धीरेंद्र सिंह गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं, बोकारो ट्रेजरी मामले में कौशल पांडेय, सतीश कुमार सिंह और काजल मंडल जेल भेजे जा चुके हैं। देवघर ट्रेजरी से स्वास्थ्यकर्मियों के नाम पर हुई संदिग्ध निकासी मामले में सबिता कुमारी की भी गिरफ्तारी हुई है।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब प्रधान महालेखाकार (एजी) चंद्रमौली सिंह ने ट्रेजरी ऑडिट के दौरान पुलिस विभाग में वेतन मद से हुई गड़बड़ी पकड़ी। शुरुआती जांच में बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी से संदिग्ध निकासी का पता चला था। इसके बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों में जांच शुरू कराई और उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल की अगुवाई में हाई लेवल कमेटी बनाई। यह कमेटी फिलहाल बोकारो ट्रेजरी से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

बाद में प्रधान महालेखाकार ने सरकार को एक और रिपोर्ट भेजी, जिसमें झारखंड की 12 ट्रेजरी में गड़बड़ी की आशंका जताई गई। रिपोर्ट में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में भी फर्जी निकासी की बात कही गई है। इसके बाद वित्त विभाग ने जिलों को विस्तार से जांच करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार पहले ही इस मामले की जांच के लिए एसआईटी बना चुकी है। अब ईडी की जांच शुरू होने के बाद यह पता लगाने की कोशिश होगी कि पैसा कहां-कहां गया, किन लोगों को फायदा पहुंचा और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी

Share:

Leave A Reviews

Related News