नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि झारखंड में बच्चे लगातार मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार जांच से बचने की कोशिश कर रही है।
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नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि झारखंड में बच्चे लगातार मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार जांच से बचने की कोशिश कर रही है।
आरपी सिंह ने दावा किया कि सरकार को इस बात का डर है कि यदि सीबीआई जांच हुई तो उसकी आंच सरकार में बैठे लोगों तक भी पहुंच सकती है।
आरपी सिंह ने कहा कि हाल ही में एक बच्चे की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर शीर्ष अदालत ने झारखंड सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करेगा और जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच के आदेश देगा। इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और बच्चों की ओर से उठाई जा रही मांगों पर उचित कार्रवाई हो।
उत्तर प्रदेश में 558 मदरसों में कथित गबन की जांच शुरू करने के फैसले पर भी आरपी सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि मदरसों के नाम पर सरकारी धन में भ्रष्टाचार या गबन हुआ है तो उसकी जांच होनी ही चाहिए। मामला बड़ी रकम से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी गंभीरता से जांच आवश्यक है। जिन संगठनों या संस्थाओं की ओर से मदरसे संचालित किए जाते हैं, उन्हें जांच में सहयोग करना चाहिए। यदि किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है तो जांच के जरिए स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। वहीं, भ्रष्टाचार पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से मनुस्मृति का जिक्र किए जाने पर आरपी सिंह ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत मनुस्मृति से नहीं, बल्कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान से चलता है। देश का संविधान ही सर्वोच्च है और सभी राजनीतिक दलों एवं नागरिकों को उसी के अनुसार चलना चाहिए। उन्होंने पूछा कि यदि कांग्रेस वास्तव में महिलाओं के अधिकारों को लेकर इतनी गंभीर है तो उसने अतीत में तीन तलाक का विरोध क्यों किया था?
भाजपा प्रवक्ता ने शाह बानो मामले का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था, तब तत्कालीन सरकार ने संसद के जरिए उसे क्यों पलटा था? कांग्रेस और राहुल गांधी महिलाओं के मुद्दों को राजनीतिक जरूरत के हिसाब से उठाते हैं। केवल राजनीति के लिए महिलाओं के पक्ष में होने का दावा करना पर्याप्त नहीं है। बिना किसी संदर्भ के मनुस्मृति को मुद्दे में जोड़ना भी राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है।
पंजाब में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तहत पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी को नोटिस जारी किए जाने और नागरिकता एवं मतदाता संबंधी दस्तावेज पेश करने को कहे जाने पर भी आरपी सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे सामान्य और नियमित प्रक्रिया बताया। आरपी सिंह ने कहा कि एसआईआर के तहत दस्तावेजों का सत्यापन एक रूटीन प्रक्रिया है।
अयोध्या में मछली दावत को लेकर चल रहे विवाद पर आरपी सिंह ने कहा कि अयोध्या में 15 किलोमीटर के दायरे में मांस और मछली के सेवन पर प्रतिबंध है। यदि कोई व्यक्ति इस प्रतिबंध से परिचित होने के बावजूद जानबूझकर मछली भोज का आयोजन करता है, तो इसे सनातन आस्था को उकसाने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है। अयोध्या धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है और वहां की संवेदनशीलता को समझना सभी राजनीतिक दलों और लोगों की जिम्मेदारी है।
--आईएएनएस
पीएसके/एबीएम
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