Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

झारखंडः लातेहार में सरकारी दवाइयां जंगल में फेंकने का वीडियो साझा कर बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर उठाए सवाल


रांची, 4 जून (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने लातेहार जिले में जंगल में सरकारी दवाइयां फेंके जाने का वीडियो और तस्वीरें साझा कर राज्य सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

रांची, 4 जून (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने लातेहार जिले में जंगल में सरकारी दवाइयां फेंके जाने का वीडियो और तस्वीरें साझा कर राज्य सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में दावा किया कि लातेहार जिले के मनिका थाना और दोमुहान नदी के बीच स्थित जंगल क्षेत्र में बड़ी मात्रा में सरकारी दवाइयां फेंकी गई हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल दवाइयों की बर्बादी का मामला नहीं है, बल्कि गरीब मरीजों के इलाज के अधिकार, सरकारी संसाधनों और जनता के टैक्स के पैसे से जुड़ा गंभीर विषय है।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में एक ओर गरीब मरीज सरकारी अस्पतालों में दवाइयों और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी दवाइयां खुले में फेंकी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

मरांडी ने अपने पोस्ट में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय आलोचकों को जवाब देने और सोशल मीडिया गतिविधियों में अधिक रुचि ले रहा है। भाजपा नेता ने राज्य सरकार से पूछा कि जब मरीज दवाओं के अभाव में परेशान हैं तो सरकारी दवाइयां सड़क किनारे या जंगल क्षेत्र में कैसे पहुंचीं।

उन्होंने यह भी जानना चाहा कि मामले में अब तक किस स्तर पर जांच हुई है और क्या किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और सरकारी संसाधनों की बर्बादी के मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी

Share:

Leave A Reviews

Related News