पटना, 19 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि पहले जहां नियुक्ति पत्र मिलने में 18 महीने से दो साल या उससे अधिक समय लग जाता था, वहीं अब कई मामलों में तीन से चार महीने में नियुक्ति पत्र मिल जाता है।
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पटना, 19 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि पहले जहां नियुक्ति पत्र मिलने में 18 महीने से दो साल या उससे अधिक समय लग जाता था, वहीं अब कई मामलों में तीन से चार महीने में नियुक्ति पत्र मिल जाता है।
पटना के राजवंशी नगर स्थित पुराने सचिवालय परिसर के अधिवेशन भवन में आयोजित 20वें राष्ट्रीय रोजगार मेले में गिरिराज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान केंद्र सरकार के 12 विभागों और संगठनों में नवनियुक्त 275 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें 93 नियुक्तियां आयकर विभाग में हुईं।
मीडिया से बातचीत के दौरान गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल नियुक्ति पत्र वितरित नहीं कर रहे हैं, बल्कि युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। उन्होंने रोजगार मेले के माध्यम से अब तक करीब 12.75 लाख नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने का उल्लेख किया।
20वें रोजगार मेले में देशभर में 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए और इसके साथ रोजगार मेलों के माध्यम से नियुक्ति पत्र पाने वालों की संख्या करीब 12.75 लाख हो गई।
उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसरों को केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, देश में रोजगार के कई नए क्षेत्र विकसित हुए हैं और स्टार्टअप के माध्यम से भी बड़ी संख्या में अवसर पैदा हो रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने रोजगार के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन लोगों को रोजगार दिखाई नहीं देता, उन्हें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़े आंकड़ों को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी रोजगार का एकमात्र माध्यम नहीं है और अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मौजूद हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब छात्रों के लिए सोचने का समय था, तब राहुल गांधी लोकसभा में विधेयक फाड़ रहे थे। राहुल गांधी जब सत्ता में थे, तब उन्होंने छात्रों से संवाद नहीं किया और अब सत्ता से बाहर होने के बाद छात्रों से बातचीत कर रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं और छात्रों से सीधे संवाद करते हैं। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि उनके समय में स्टार्टअप के क्षेत्र में ऐसी गतिविधियां क्यों नहीं थीं। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की भूमिका केवल नकारात्मक बातें करना नहीं होनी चाहिए।
--आईएएनएस
डीकेएम/वीसी
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