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जोधपुर में एजीटीएफ का ऑपरेशन: लॉरेंस गैंग के दो शूटर गिरफ्तार


जयपुर, 21 सितंबर (आईएएनएस)। पुलिस ने बताया कि राजस्थान एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ​​ने जोधपुर में एक ऑपरेशन के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो कथित शार्प-शूटर्स को गिरफ्तार किया है।

जयपुर, 21 सितंबर (आईएएनएस)। पुलिस ने बताया कि राजस्थान एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ​​ने जोधपुर में एक ऑपरेशन के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो कथित शार्प-शूटर्स को गिरफ्तार किया है।

एजीटीएफ के एडीजी दिनेश एम.एन. के अनुसार, मारवाड़ इलाके में एक बड़े बिजनेसमैन पर हमला करने के लिए पंजाब से दो आरोपियों को कथित तौर पर जोधपुर बुलाया गया था।

पुलिस ने बताया कि यह ऑपरेशन तब शुरू किया गया जब इंटेलिजेंस से जानकारी मिली कि ये दोनों जोधपुर में रुके हुए हैं और उस बिजनेसमैन को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जसकरण सिंह उर्फ ​​करण, सनी और कट्टा (जो फाजिल्का के हरसिंह राय नगर का रहने वाला है) और राजिंदर उर्फ ​​बिल्ला (जो अबोहर के बलुआना का रहने वाला है) के तौर पर हुई है।

एजीटीएफ के मुताबिक, पंजाब पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर हर एक के लिए 5 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की थी।

यह ऑपरेशन एएसपी सिद्धांत शर्मा, डिप्टी एसपी रवींद्र प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर सुनील जांगिड़ और रामसिंह नथावत की अगुवाई वाली टीमों ने स्थानीय पुलिस की मदद से चलाया।

एजीटीएफ के अनुसार, दोनों आरोपी पंजाब में दो बिजनेसमैन की हत्या के मामलों में वॉन्टेड थे। पुलिस ने बताया कि जसकरण और राजिंदर कथित तौर पर अबोहर में कपड़ा व्यापारी संजय वर्मा और फाजिल्का में साहिल सेन की हत्या में शामिल थे।

जांच करने वालों को शक है कि ये हत्याएं लॉरेंस गैंग के सदस्यों के कहने पर रंगदारी से जुड़ी गतिविधियों के तहत की गई थीं।

शुरुआती पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे एक बड़े बिजनेसमैन को निशाना बनाने के लिए जोधपुर आए थे।

एजीटीएफ उस संभावित टारगेट और इस कथित साजिश से जुड़े हालात की जांच कर रही है।

जांच करने वालों ने यह भी बताया कि ये दोनों शूटर कथित तौर पर अपराध करने के बाद नेपाल भाग जाते थे और किसी दूसरे टारगेट के लिए निर्देश मिलने पर वापस आते थे।

एजीटीएफ के अनुसार, इन दोनों को गैंग के लिए अहम सदस्य माना जाता था क्योंकि कई अन्य सदस्य अभी जेल में हैं।

पुलिस को शक है कि काम पूरा करने के बाद आरोपियों को देश से बाहर भेज दिया जाता था और किसी दूसरे टारगेट की पहचान होने पर वापस बुला लिया जाता था।

खबरों के मुताबिक, एजीटीएफ टीम के सदस्य राकेश को जानकारी मिली थी कि ये दोनों मध्य प्रदेश से सिरोही होते हुए जोधपुर में दाखिल हुए हैं।

इसके बाद पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी, और यह जानकारी मिलने पर ऑपरेशन शुरू किया कि वे जोधपुर के पास किसी जगह पर एक बिजनेसमैन पर हमला करने की योजना बना रहे हैं।

कथित टारगेट, हमले की योजना के पीछे की वजह और गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्धों से जुड़े बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।

--आईएएनएस

एससीएच/एएस

Date & Time : 2026-09-21 11:20:02

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