नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी है ।
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नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी है ।
कैबिनेट में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत में विश्व-स्तरीय प्रतिस्पर्धी कंटेनर निर्माण इकोसिस्टम स्थापित करने के लिए 'कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना' (सीएमपीएस) को मंजूरी दी है। इसके लिए वित्त वर्ष 2039-40 तक 10,000 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
उन्होंने आगे लिखा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित यह योजना, ब्याज पर सब्सिडी, परिचालन व्यय में सहायता, तथा टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन के जरिए नई विनिर्माण इकाइयों और मौजूदा इकाइयों के विस्तार को बढ़ावा देगी। इसका उद्देश्य वार्षिक घरेलू विनिर्माण क्षमता को लगभग दस गुना बढ़ाकर 7.5 लाख टीईयू (बीस-फुट समतुल्य इकाई) करना, आयात पर निर्भरता कम करना, समुद्री और लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन को मजबूत करना, और भारत को एक वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इस पहल से 3,000 प्रत्यक्ष और 50,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट में लिए गए फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने 7395.55 करोड़ के परिव्यय के साथ 'प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना' (पीएम वीजीएसवाय) को मंजूरी दी है। यह योजना स्थानीय स्तर पर प्रशासन को मजबूत बनाने और गांवों के समग्र विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बता दें कि देश में कंटेनर निर्माण क्षेत्र को नई गति देने के लिए कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम (सीएमपीएस) को मंजूरी दे दी है। सरकार का उद्देश्य भारत में वैश्विक स्तर का कंटेनर निर्माण इकोसिस्टम विकसित करना, आयात पर निर्भरता कम करना और समुद्री तथा लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन को मजबूत बनाना है।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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