बेंगलुरु, 19 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने कर्नाटक के नवनियुक्त कृषि मंत्री पी.एम. नरेंद्र स्वामी के अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया है कि वह सितंबर के पहले सप्ताह में कर्नाटक का दौरा करेंगे और सूखे से प्रभावित कम से कम एक जिले का निरीक्षण करेंगे।
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बेंगलुरु, 19 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने कर्नाटक के नवनियुक्त कृषि मंत्री पी.एम. नरेंद्र स्वामी के अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया है कि वह सितंबर के पहले सप्ताह में कर्नाटक का दौरा करेंगे और सूखे से प्रभावित कम से कम एक जिले का निरीक्षण करेंगे।
बुधवार को नरेंद्र स्वामी ने नई दिल्ली में शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य में कम बारिश के कारण कृषि क्षेत्र में पैदा हुई समस्याओं और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के पंजीकरण की अंतिम तिथि अगस्त के अंत तक बढ़ाने की आवश्यकता पर चर्चा की।
कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए उस पत्र का भी उल्लेख किया, जिसमें फसल बीमा योजना के लिए किसानों के पंजीकरण की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।
बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने नरेंद्र स्वामी को आश्वस्त किया कि वह न केवल कर्नाटक का दौरा करेंगे, बल्कि राज्य में कम वर्षा से उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए भी आवश्यक कदम उठाएंगे।
नरेंद्र स्वामी ने कहा कि फसल बीमा पंजीकरण की अंतिम तिथि नजदीक आने के कारण किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया, "स्थिति को देखते हुए 666 फसल बीमा इकाइयों में अंतरिम मुआवजा देने के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।"
मंत्री ने कहा, "राज्य सरकार केंद्र प्रायोजित सभी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। हम केंद्र के साथ लगातार संपर्क में हैं और हमारी सरकार कर्नाटक के किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।"
कर्नाटक द्वारा तमिलनाडु को पानी छोड़े जाने के बीच किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने संबंधी सवाल पर नरेंद्र स्वामी ने कहा कि कृषि गतिविधियों के लिए उपलब्ध जल के बारे में केंद्र सरकार को कोई जानकारी छिपाने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा, "केआरएस (कृष्णराज सागर) जलाशय में केवल 109 फीट पानी है। यह कर्नाटक के किसानों के लिए एक फसल उगाने के लिए भी पर्याप्त नहीं है।"
उन्होंने कहा कि कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखने के बाद स्थिति और मुश्किल हो गई है, जिसमें कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया था।
नरेंद्र स्वामी ने कहा, "अब इस समस्या का एकमात्र समाधान बारिश है।"
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में कृषि कार्यों के लिए पानी छोड़ना कठिन होगा।
मंत्री ने कहा, "हम बैठक करेंगे और उपलब्धता के आधार पर पानी छोड़ने को लेकर फैसला लिया जाएगा।"
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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