बेंगलुरु, 24 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मीडिया कवरेज में भेदभाव का आरोप लगा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सोमवार को स्पीकर जीएस पाटिल को पत्र लिखकर इस मामले में दखल देने की मांग की है।
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बेंगलुरु, 24 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मीडिया कवरेज में भेदभाव का आरोप लगा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सोमवार को स्पीकर जीएस पाटिल को पत्र लिखकर इस मामले में दखल देने की मांग की है।
आर. अशोक ने मीडिया को जारी अपने पत्र में कहा कि 13 अगस्त से शुरू हुए मानसून सत्र में एक ऐसी प्रथा देखी जा रही है, जहां विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के नेता और विधायकों के बयान, फोटो और वीडियो कथित तौर पर जारी नहीं किए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित रोक के कारण विपक्षी सदस्यों के फोटो और वीडियो प्रिंट मीडिया में नहीं छप रहे हैं और टीवी चैनलों पर प्रसारित नहीं हो रहे हैं।
इसके उलट, अशोक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों और सत्ताधारी पार्टी के विधायकों के बयान, फोटो और वीडियो लगातार जारी किए जा रहे हैं, जिससे सत्तापक्ष को ज्यादा दिखावा मिल रहा है।
अपने पत्र में उन्होंने लिखा, "विधानसभा की कार्यवाही की कवरेज में ऐसा भेदभाव पहले कभी नहीं हुआ।"
उन्होंने स्पीकर से अनुरोध किया कि वे तुरंत सूचना विभाग के संबंधित अधिकारियों को विधानसभा से मीडिया सामग्री जारी करने में इस असमानता को ठीक करने का निर्देश दें।
आर. अशोक ने चेतावनी दी कि अगर इस मुद्दे को ठीक नहीं किया गया तो विपक्ष संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगा।
उन्होंने पत्र में कहा, "इसलिए मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप तुरंत सूचना विभाग के संबंधित अधिकारियों को इस भेदभाव को ठीक करने का निर्देश दें। अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जाएगा।"
भाजपा नेता का यह आरोप ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र चल रहा है और विपक्ष कांग्रेस सरकार के खिलाफ कई मुद्दे उठा रहा है और उसके कई फैसलों पर सवाल खड़ा कर रहा है।
आर. अशोक के पत्र में स्पीकर से यह सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप की मांग की गई है कि सदन के दोनों पक्षों के सदस्यों को मीडिया में बराबर जगह मिले। उन्होंने कहा कि विधानसभा से जुड़ी मीडिया सामग्री तक बराबर पहुंच निष्पक्ष जन प्रतिनिधित्व के लिए जरूरी है।
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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