Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

कावेरी विवाद : काबिनी डैम लगभग भर गया, पानी छोड़ने के अलावा कोई और विकल्प नहीं- शिवकुमार


मैसूरु, 1 अगस्त (आईएएनएस। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को संगठनों से तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़ने के विरोध में चल रहे आंदोलन वापस लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक बार जलाशय भर जाने के बाद पानी को रोक पाना संभव नहीं है।

मैसूरु, 1 अगस्त (आईएएनएस। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को संगठनों से तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़ने के विरोध में चल रहे आंदोलन वापस लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक बार जलाशय भर जाने के बाद पानी को रोक पाना संभव नहीं है।

मैसूरु एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि काबिनी जलाशय तेजी से भर रहा है और इसके भंडारण क्षमता तक पहुंचते ही सरकार के पास पानी छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

उन्होंने कहा, "काबिनी जलाशय भर रहा है। एक बार डैम भर जाए तो पानी छोड़ना ही पड़ता है। इसे रोक पाना संभव नहीं है। मैं उन लोगों से विनम्र अपील करता हूं जो पानी छोड़ने के खिलाफ प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं, वे अपना फैसला दोबारा सोचें।"

विरोध प्रदर्शनों पर सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी काबिनी में पानी के स्तर की हर घंटे जानकारी दे रहे हैं। यहां पानी की आवक 40,000 क्यूसेक तक पहुंच गई है। प्रकृति किसी की नहीं होती। अगर हम पानी न छोड़ने का फैसला भी कर लें, तो भी जलाशय भर जाने के बाद उसे रोका नहीं जा सकता।

शिवकुमार ने प्रदर्शनकारियों से पानी छोड़ने वाले स्थानों के पास इकट्ठा न होने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि तेज धारा जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक बंद का आह्वान करने का कोई ठोस आधार नहीं है। लोकतांत्रिक विरोध का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन मौजूदा स्थिति में ऐसे प्रदर्शन जरूरी नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि एस. बंगारप्पा, एस.एम. कृष्णा, एच.डी. देवेगौड़ा और सिद्धारमैया की पिछली सरकारों ने भी हालात के हिसाब से फैसले लिए थे। तमिलनाडु के लिए 177 टीएमसी कावेरी पानी छोड़ने का आदेश है और सुप्रीम कोर्ट ने इसे बरकरार रखा है। हमें कोर्ट के आदेश का सम्मान करना होगा और साथ ही अपने किसानों के हितों की रक्षा भी करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अदालत का फैसला दोनों राज्यों के हितों में संतुलन बनाने के लिए है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के दिल्ली में किए गए प्रयासों का जिक्र किया। साथ ही कहा कि कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के पास जलाशयों में पानी के स्तर की पूरी जानकारी है।

उन्होंने आगे कहा कि पिछली स्थितियों की तुलना में हमने अभी आधी मात्रा में भी पानी नहीं छोड़ा है। इसके बावजूद हमारी मांग खारिज कर दी गई। उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप बीजेपी पर लगाया और एचडी कुमारस्वामी के बयान का भी जिक्र किया और कहा कि तमिलनाडु के नेता राजनीतिक स्वार्थ साध रहे हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

Share:

Leave A Reviews

Related News