देहरादून, 17 जून (आईएएनएस)। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ मंदिर हिंदुओं के लिए आस्था का एक प्रमुख केंद्र है, जहां प्रति वर्ष लाखों श्रद्धालु 'बाबा' के दरबार में आकर उनका दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। हालांकि, वर्ष 2013 में 16 और 17 जून को इस धार्मिक स्थान पर एक ऐसी भयानक प्राकृतिक त्रासदी आई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं की जान चली गई।
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देहरादून, 17 जून (आईएएनएस)। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ मंदिर हिंदुओं के लिए आस्था का एक प्रमुख केंद्र है, जहां प्रति वर्ष लाखों श्रद्धालु 'बाबा' के दरबार में आकर उनका दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। हालांकि, वर्ष 2013 में 16 और 17 जून को इस धार्मिक स्थान पर एक ऐसी भयानक प्राकृतिक त्रासदी आई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं की जान चली गई।
इसी को लेकर केदारनाथ आपदा की 13वीं बरसी पर केदारनाथ धाम में त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर शोक सभा का आयोजन कर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए सैकड़ों लोगों द्वारा प्रार्थना की गई।
भीषण आपदा को याद करते हुए केदारनाथ धाम में केदारसभा, बदरी-केदार मंदिर समिति, प्रशासन तथा पंडा-पुरोहित समाज द्वारा संयुक्त रूप से एक शोक सभा आयोजित की गई। इस दौरान आपदा में मृत और लापता हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर प्रार्थना की गई।
इसी को लेकर केदारसभा अध्यक्ष, राजकुमार तिवारी ने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा उत्तराखंड के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक है। आपदा की 13वीं बरसी पर सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।
उन्होंने कहा कि इस त्रासदी से मिले सबक को हमेशा याद रखना चाहिए और आपदा में जान गंवाने वाले सभी लोगों को विनम्र श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि केदारसभा, मंदिर समिति, स्थानीय लोगों और व्यापारियों द्वारा केदारनाथ धाम में सभी मृतक आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई और एक शोक सभा का आयोजन किया गया।
--आईएएनएस
डीके/एएस
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