नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने बुधवार को 'मिजोरम जिंजर मिशन' की शुरुआत की। यह राज्य में अदरक की खेती और वैल्यू चेन के विकास के लिए 189.79 करोड़ रुपए की एक कन्वर्जेंस-आधारित पहल है।
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नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने बुधवार को 'मिजोरम जिंजर मिशन' की शुरुआत की। यह राज्य में अदरक की खेती और वैल्यू चेन के विकास के लिए 189.79 करोड़ रुपए की एक कन्वर्जेंस-आधारित पहल है।
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जहाँ ज्योग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) सर्टिफाइड मिजो अदरक में 6-8 प्रतिशत ओलियोरेसिन होता है, जो वैश्विक औसत लगभग 3 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है, वहीं आज किसानों को प्रति किलोग्राम सिर्फ 8-15 रुपए मिलते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी वैल्यू चेन 500 रुपए प्रति किलोग्राम से भी ज्यादा तक पहुंच जाती है।
"बिचौलियों को हटाने" और सहकारी तथा किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के ढांचों को मजबूत करने के लिए एक निर्णायक प्रयास का आह्वान करते हुए, उन्होंने 190 करोड़ रुपए की इस पहल को "मिजो अदरक आंदोलन" के रूप में प्रस्तुत किया, जो चार रणनीतिक स्तंभों पर आधारित है: अभिसरण, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और बाजार एकीकरण।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की उस प्रतिबद्धता को रेखांकित किया जिसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसान पूरी कृषि वैल्यू चेन में, "खेत से थाली तक", सही मायने में हितधारक बनें।
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इसका उद्देश्य केवल फसल उगाना नहीं है, बल्कि किसानों को प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, निर्यात-आधारित मूल्य संवर्धन और वैश्विक बाज़ार एकीकरण में सार्थक रूप से भाग लेने में सक्षम बनाना है।
मंत्री ने बताया कि यह मिशन एक एकीकृत प्रसंस्करण केंद्र और तीन सहायक केंद्र उपलब्ध कराएगा; साथ ही 30 से ज्यादा रणनीतिक हस्तक्षेप करेगा और लगभग 20,000 किसान परिवारों को एक एकीकृत वैल्यू-चेन इकोसिस्टम में जोड़ेगा,जो पता लगाने की क्षमता, विशिष्टता, गुणवत्ता आश्वासन और किसानों के नेतृत्व में मूल्य सृजन पर आधारित होगा।
उन्होंने मिजो अदरक के लिए एक स्पष्ट वैश्विक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जिसमें दक्षिण-पूर्व एशियाई, मध्य-पूर्वी और यूरोपीय बाज़ारों में लक्षित प्रवेश शामिल है; उन्होंने कहा कि सफलता तब मानी जाएगी जब मिज़ो अदरक वैश्विक बाज़ारों की अलमारियों पर उपलब्ध होगा, जिसकी पहचान व्यक्तिगत किसानों तक हो सकेगी, और जिससे उन्हें सीधे आर्थिक लाभ प्राप्त होंगे।
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने अदरक मिशन की परिकल्पना करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के प्रति गहरी सराहना व्यक्त की; यह मिशन राज्य की कृषि और आर्थिक यात्रा में एक निर्णायक मोड़ साबित होगा।
उन्होंने कहा कि यह मिशन मिज़ोरम की फ़ार्मा-ग्रेड अदरक के क्षेत्र में मौजूद अद्वितीय शक्ति को सही ढंग से पहचानता है, और इसे किसानों की समृद्धि, मूल्य संवर्धन तथा वैश्विक बाजार एकीकरण के लिए एक सुव्यवस्थित मार्ग में परिवर्तित करता है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार जमीनी स्तर पर इस मिशन का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
--आईएएनएस
एससीएच
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