कोच्चि, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल पुलिस ने एर्नाकुलम में ऐतिहासिक कडावुमभागम सिनेगॉग के पास हुई आगजनी की घटना के मुख्य आरोपी एबिन पॉल के खिलाफ 'गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम' (यूएपीए) की धाराएं लगाई हैं। पुलिस अब इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह घटना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी।
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कोच्चि, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल पुलिस ने एर्नाकुलम में ऐतिहासिक कडावुमभागम सिनेगॉग के पास हुई आगजनी की घटना के मुख्य आरोपी एबिन पॉल के खिलाफ 'गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम' (यूएपीए) की धाराएं लगाई हैं। पुलिस अब इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह घटना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी।
आरोपी के खिलाफ यूएपीए की धारा 16 और 18 लगाई गई हैं, जो आतंकवादी गतिविधियों और ऐसी गतिविधियों की साजिश रचने से संबंधित हैं। यह कदम 12 अक्टूबर को सिनेगॉग (यहूदी प्रार्थना स्थल) के बाहर स्थित नर्सरी पर हुए हमले की जांच में एक बड़ा मोड़ है।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) इस संभावना की जांच कर रही है कि एबिन ने 'बॉस' नाम के एक अज्ञात हैंडलर के निर्देशों पर काम किया था। आरोपी ने विक्रम नाम के एक व्यक्ति का भी जिक्र किया है, जिसकी पहचान और 'बॉस' के साथ उसके संभावित संबंधों की जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कथित हैंडलर विदेश से काम करने वाला कोई असली व्यक्ति है और क्या इन हमलों की योजना बनाने में कोई और भी शामिल था।
आरोपी ने दावा किया है कि उसे फोन कॉल और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए निर्देश मिले थे।
जांचकर्ता उसके मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच के जरिए दावों की पुष्टि कर रहे हैं। डिजिटल सबूतों से यह समझने में मदद मिलने की उम्मीद है कि बातचीत किस तरह की थी, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या आरोपी को हमले करने के लिए पैसे मिले थे?
पुलिस की ओर से एबिन को आगजनी की अन्य घटनाओं से जोड़ने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये घटनाएं आपस में जुड़ी हुई थीं और क्या ये किसी सुनियोजित हमले की श्रृंखला का हिस्सा थीं?
एसआईटी ने जांच पुणे तक भी बढ़ा दी है, जहां एबिन पढ़ाई करता था, ताकि उसके बैकग्राउंड और संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या किसी बाहरी नेटवर्क ने उसके कथित कार्यों को प्रभावित किया या उसे निर्देश दिए।
एनआईए और अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने पहले ही इस मामले के बारे में जानकारी जुटा ली है।
केरल में यहूदियों के ऐतिहासिक प्रार्थना स्थलों में से एक होने के कारण यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। पुलिस अब कथित हैंडलर को पहचानने, डिजिटल सुरागों की पुष्टि करने और हमले के पीछे के मकसद का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
--आईएएनएस
एसडी/एबीएम
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