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खराब लाइफस्टाइल बना सकती है एग्स को कमजोर, समय रहते संभलना जरूरी


नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी का असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि महिलाओं की मां बनने की क्षमता पर भी पड़ रहा है। देर रात तक जागना, तनाव लेना, बाहर का ज्यादा खाना और नींद पूरी न होना जैसी चीजें सेहत पर धीरे-धीरे असर डालती हैं।

नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी का असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि महिलाओं की मां बनने की क्षमता पर भी पड़ रहा है। देर रात तक जागना, तनाव लेना, बाहर का ज्यादा खाना और नींद पूरी न होना जैसी चीजें सेहत पर धीरे-धीरे असर डालती हैं।

डॉक्टरों के अनुसार, अगर कोई महिला भविष्य में मां बनना चाहती है, तो उसके शरीर में बनने वाले अंडों (एग्स) का स्वस्थ होना बेहद जरूरी होता है। यही एग्स गर्भधारण में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। अगर इनकी क्वालिटी अच्छी होगी, तो प्रेग्नेंसी की संभावना भी बेहतर हो सकती है।

महिलाओं के शरीर में एग्स जन्म से ही मौजूद होते हैं। उम्र बढ़ने के साथ इनकी संख्या और ताकत दोनों कम होने लगती है। हालांकि सिर्फ उम्र ही इसका कारण नहीं है। खराब खानपान, ज्यादा तनाव, धूम्रपान और नींद की कमी भी एग्स को कमजोर बना सकते है।

स्वस्थ खाने का सीधा असर महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। रोजाना ताजे फल और हरी सब्जियां खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है। फल और सब्जियों में ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर की कोशिकाओं को मजबूत रखने में मदद करते हैं। इससे अंडों की सेहत भी बेहतर होती है।

इसके अलावा, शरीर में कुछ खास विटामिन और पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इनमें फोलिक एसिड काफी जरूरी माना जाता है। डॉक्टर अक्सर गर्भधारण की तैयारी कर रही महिलाओं को फोलिक एसिड लेने की सलाह देते हैं। यह शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करता है। दाल, चना, हरी पत्तेदार सब्जियां और अनाज जैसी चीजों में यह अच्छी मात्रा में पाया जाता है।

ओमेगा-3 नाम का पोषक तत्व भी महिलाओं की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। यह शरीर के हार्मोन को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। हार्मोन सही रहेंगे, तो शरीर में एग्स बनने की प्रक्रिया भी बेहतर तरीके से काम करती है। अखरोट और अलसी के बीज जैसी चीजों में यह पोषक तत्व पाया जाता है।

नींद भी एग क्वालिटी से जुड़ी हुई मानी जाती है। अगर कोई महिला रोज कम सोती है या देर रात तक जागती है, तो इसका असर शरीर के अंदर बनने वाले हार्मोन पर पड़ सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना जरूरी होता है। अच्छी नींद शरीर को आराम देती है और अंदरूनी प्रक्रियाओं को सही तरीके से काम करने में मदद करती है।

तनाव भी महिलाओं की फर्टिलिटी पर असर डाल सकता है। जब कोई इंसान बहुत ज्यादा चिंता करता है, तो शरीर में ऐसे बदलाव होने लगते हैं जो हार्मोन को बिगाड़ सकते हैं। इसका असर पीरियड्स और गर्भधारण दोनों पर पड़ सकता है। इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि महिलाएं खुद को खुश रखने की कोशिश करें।

धूम्रपान महिलाओं की एग क्वालिटी को तेजी से नुकसान पहुंचाता है। सिगरेट में मौजूद हानिकारक चीजें शरीर के अंदर जाकर अंडों को कमजोर कर सकती हैं। इससे भविष्य में मां बनने में दिक्कत हो सकती है। शराब का ज्यादा सेवन भी शरीर पर बुरा असर डाल सकता है। इसलिए डॉक्टर इन चीजों से दूर रहने की सलाह देते हैं।

--आईएएनएस

पीके/वीसी

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