Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

खतरे की घंटी है बढ़ते ट्राइग्लिसराइड का स्तर, जानें क्या है बचने के लिए जरूरी कदम

नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। शरीर को ऊर्जा देने के लिए वसा बहुत जरूरी है। वसा ही शरीर में ऊर्जा के रूप में परिवर्तित होकर काम करने की क्षमता को बढ़ाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही वसा जब रक्त में बढ़ जाती है तो ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ जाता है और यह पूरे शरीर के लिए खतरे की घंटी है।

नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। शरीर को ऊर्जा देने के लिए वसा बहुत जरूरी है। वसा ही शरीर में ऊर्जा के रूप में परिवर्तित होकर काम करने की क्षमता को बढ़ाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही वसा जब रक्त में बढ़ जाती है तो ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ जाता है और यह पूरे शरीर के लिए खतरे की घंटी है।

ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ना, मधुमेह, मोटापा, जोड़ों का दर्द और दिल की बीमारियों की शुरुआत है।

आमतौर पर लोग ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल को एक ही मानकर चलते हैं, लेकिन ये दोनों रक्त में पाए जाने वाले दो अलग फैट्स हैं। ट्राइग्लिसराइड शरीर की कोशिकाओं में जमा होता है और शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है। रक्त में मौजूद ट्राइग्लिसराइड का सही स्तर गुड कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखता है, शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस को बैलेंस करता है, शरीर के अंदर की इन्फ्लेमेशन को कम करता है, और मेटाबॉलिज्म को मजबूत करने में मदद करता है, जबकि कोलेस्ट्रॉल कोशिकाओं के निर्माण, हार्मोन और विटामिन बनाने में मदद करता है।

अब जानते हैं कि शरीर में क्यों बढ़ता है ट्राइग्लिसराइड। ट्राइग्लिसराइड के बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। सामान्यत: शरीर में ट्राइग्लिसराइड का स्तर 150 एमजी/डीएल होना चाहिए। अगर स्तर ज्यादा है तो सावधानी बरतनी जरूरी है। यह मुख्यत: जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाने, मोटापा अधिक होने, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी और शराब और तंबाकू के सेवन से होता है। ये सभी कारण ट्राइग्लिसराइड के स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं।

ट्राइग्लिसराइड पर डॉक्टर दवा से स्तर को नीचे लाने का काम करते हैं, लेकिन आयुर्वेद में मौजूद कुछ तरीकों से ट्राइग्लिसराइड को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले आहार में कार्बोहाइड्रेट कम करें। अगर आप शारीरिक मेहनत कम करते हैं तो कार्बोहाइड्रेट कम खाएं। कार्बोहाइड्रेट गेहूं, चावल, ज्वार, बाजरा, रागी और मिलेट में भी पाया जाता है।

दूसरा, आहार में हेल्दी फैट्स को शामिल करें। जैसे देसी घी, मक्खन, सरसों का तेल, और एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल को आहार में शामिल कर सकते हैं। इसके साथ ही कम से कम 1 घंटा शारीरिक व्यायाम भी जरूरी है। रोजाना वॉक से लेकर एक्सरसाइज जरूर करें।

बार-बार खाने की आदत भी ट्राइग्लिसराइड के स्तर को बढ़ाने में मदद करती है। इसलिए इंटरमिटेंट फास्टिंग करें। रोजाना खुद को 14-16 घंटे भूखा रखें।

--आईएएनएस

पीएस/एएस

Share:

Leave A Reviews

Related News