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खुले बोरवेल पर सख्त कार्रवाई की तैयारी, कर्नाटक शुरू करेगा 'बोरवेल सुरक्षा अभियान'


बेंगलुरु, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के माइनर इरिगेशन और ग्राउंड वॉटर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट राज्य को असुरक्षित खुले बोरवेल से मुक्त करने के लिए पूरे राज्य में 'बोरवेल सुरक्षा अभियान' शुरू करेगा। माइनर इरिगेशन और साइंस एंड टेक्नोलॉजी मिनिस्टर अजय धर्म सिंह ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

बेंगलुरु, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के माइनर इरिगेशन और ग्राउंड वॉटर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट राज्य को असुरक्षित खुले बोरवेल से मुक्त करने के लिए पूरे राज्य में 'बोरवेल सुरक्षा अभियान' शुरू करेगा। माइनर इरिगेशन और साइंस एंड टेक्नोलॉजी मिनिस्टर अजय धर्म सिंह ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मंत्री ने ग्राउंड वॉटर डेवलपमेंट डायरेक्टरेट को निर्देश दिया है कि वह राज्य भर में बेकार और बंद पड़े बोरवेल की पहचान, जांच, सुरक्षित तरीके से बंद करने, विभागों के बीच तालमेल और निगरानी के लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करे।

जब ड्रिलिंग से पानी न निकले या बोरवेल इस्तेमाल के लायक न रहें, तो उन्हें सुरक्षित रूप से बंद करना जरूरी होता है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद कानूनी और निगरानी के नियम पहले से ही लागू हैं, फिर भी इस बात की संभावना बनी रहती है कि कुछ बोरवेल शायद ठीक से सुरक्षित न किए गए हों खासकर वे जो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं या जिनकी ड्रिलिंग के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई।

अजय धर्म सिंह ने कहा, "किसी भी खुले बोरवेल को बच्चे की जान के लिए खतरा नहीं बनने दिया जाना चाहिए। पहले चरण में, हम माइनर इरिगेशन डिपार्टमेंट के तहत खोदे गए सभी बेकार और बंद पड़े बोरवेल की जांच करेंगे और यह पक्का करेंगे कि हर असुरक्षित बोरवेल को ठीक से सुरक्षित करके बंद किया जाए।"

अगले चरण में, सार्वजनिक जगहों और अन्य इलाकों में मौजूद असुरक्षित बोरवेल की पहचान करने और उन्हें सुरक्षित बनाने के लिए, यह अभियान दूसरे सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर चलाया जाएगा।

विभाग एक व्हाट्सएप नंबर और वेब-आधारित रिपोर्टिंग सिस्टम बनाने पर भी विचार करेगा, जिसके जरिए नागरिक संदिग्ध असुरक्षित बोरवेल की तस्वीरें और लोकेशन की जानकारी भेजकर रिपोर्ट कर सकेंगे। प्रस्तावित सिस्टम से हर मामले की रिपोर्टिंग और जांच से लेकर उसे बंद करने तक की प्रक्रिया में जियो-टैगिंग और ट्रैकिंग भी संभव हो सकती है।

मंत्री ने कहा, “हमारा मकसद सिर्फ डिपार्टमेंट के रिकॉर्ड में मौजूद बोरवेल की जांच करना ही नहीं है। हमें उन बोरवेल की भी पहचान करनी है जो शायद अधिकारियों की नजर से छूट गए हों और यह पक्का करना है कि उन्हें सुरक्षित बनाया जाए। हमारा लक्ष्य ‘खुले बोरवेल-मुक्त कर्नाटक’ की ओर बढ़ना है।”

मंत्री अजय धर्म सिंह ने माइनर इरिगेशन और ग्राउंड वॉटर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी राजेश अमीनभावी और ग्राउंड वॉटर डेवलपमेंट डायरेक्टरेट के अधिकारियों को इस अभियान के लिए काम करने का डिटेल्ड प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है।

--आईएएनएस

एएसएच/पीएम

Date & Time : 2026-10-06 17:10:03

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