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किस समय दवा लेना होता है सबसे ज्यादा प्रभावी? आयुर्वेद ने बताए हैं पांच काल

नई दिल्ली, 27 नवंबर (आईएएनएस)। किसी भी परेशानी में समय पर दवा लेना काफी मायने रखता है। अगर सही समय पर दवा ली जाए तो आधा रोग वैसे ही खत्म हो जाता है।

नई दिल्ली, 27 नवंबर (आईएएनएस)। किसी भी परेशानी में समय पर दवा लेना काफी मायने रखता है। अगर सही समय पर दवा ली जाए तो आधा रोग वैसे ही खत्म हो जाता है।

आयुर्वेद में दवा लेने की टाइमिंग को लेकर सटीक जानकारी दी गई है कि किस समय पर कौन सी दवा अच्छे से काम करती है और क्यों उसी समय दवा लेनी जरूरी है।

आयुर्वेद में दवा लेने के सिद्धांत को काल से जोड़ा गया है। काल मतलब समय। चरक संहिता के अनुसार, “कालो हि भेषजं,” यानी सही समय ही दवा का वास्तविक प्रभाव बढ़ाता है और ये तभी अच्छे से काम करती है, जब मनुष्य की शारीरिक प्रवृत्ति भी दवा के साथ मिलकर काम करे। आयुर्वेद में दवा लेने के सही समय को पांच भागों में बांटा गया है। पहला है सुबह खाली पेट दवा लेना। ये वो टाइमिंग होती है, जब शरीर किसी भी चीज का अवशोषण तेजी से करता है। इस समय ली गई दवा बहुत प्रभावी तरीके से काम करती है। आयुर्वेद में कमजोरी की दवा, मस्तिष्क की कमजोरी से जुड़ी दवा और ऑटोइम्यून बीमारी की दवा इसी समय दी जाती है।

दूसरा समय है दोपहर के लंच से पहले। इस समय शरीर में कफ की प्रवृत्ति बहुत ज्यादा होती है। ऐसे में इस वक्त कफ को कम करने वाली दवाओं का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इस समय ली गई दवा कफ को कम करती है और जिन लोगों को भूख न लगने की परेशानी होती है, उन्हें भी खाने से पहले दवा लेने की सलाह दी जाती है। ये पाचन से जुड़ी परेशानियों के लिए दवा लेने का सही समय है।

तीसरा समय है डिनर के बाद। इस समय पित्त को शांत करने वाली दवा दी जाती है। आयुर्वेद के मुताबिक, इस समय शरीर का पित्त बढ़ा रहता है, और गैस, अल्सर, और पेट की गर्मी से जुड़ी दवा इसी समय दी जाती है। यह पेट की जलन को शांत करती है।

चौथा समय है डिनर के साथ दवा को लेना। यह समय औषधियों और दवाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ समय होता है। इस समय दवा शरीर को सीधा पोषण देती है और रक्त में घुल जाती है। इस समय शतावरी और अश्वगंधा लेना लाभकारी होता है।

पांचवां समय है रात को सोने से पहले। आयुर्वेद में इस समय को मरम्मत काल माना गया है। इस समय ली गई दवा शरीर पर गहरा प्रभाव डालती है। इस समय कब्ज और स्किन से जुड़ी दवाएं लेना सबसे ज्यादा लाभकारी होता है। दवा लेने की टाइमिंग औषधि और आयुर्वेद के समयानुसार निर्धारित की गई है। किसी भी दवा का सेवन चिकित्सक के परामर्श के बाद ही करें।

--आईएएनएस

पीएस/डीकेपी

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