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कोलकाता: मुख्य सचिव मानहानि मामले में महुआ मोइत्रा को राहत नहीं, कोर्ट ने 'वोट चोर' वाले पोस्ट हटाने का दिया आदेश


कोलकाता, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। कोलकाता की एक अदालत ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा को निर्देश दिया कि वे सोशल मीडिया पर किए गए अपने दो अपमानजनक पोस्ट तुरंत हटा दें।

कोलकाता, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। कोलकाता की एक अदालत ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा को निर्देश दिया कि वे सोशल मीडिया पर किए गए अपने दो अपमानजनक पोस्ट तुरंत हटा दें।

ये पोस्ट पश्चिम बंगाल के मौजूदा मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल के बारे में थे, जो उस समय राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) थे, जब एसआईआर प्रक्रिया चल रही थी।

सोशल मीडिया पोस्ट में मोइत्रा ने अग्रवाल को 'वोट चोर' बताया। अग्रवाल ने पहले इन पोस्ट को लेकर मोइत्रा को एक कानूनी नोटिस भेजा और बाद में उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया, जिसमें उन्होंने 10 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की।

दक्षिण कोलकाता के अलीपुर की एक निचली अदालत में गुरुवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के अंत में, जज ने कहा कि कृष्णानगर लोकसभा सांसद, मुख्य सचिव के खिलाफ कोई भी मानहानिपूर्ण टिप्पणी करते हुए सोशल मीडिया पर कोई नई पोस्ट नहीं डाल सकेंगी और न ही इस मामले से जुड़ी किसी पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट को दोबारा शेयर कर सकेंगी।

अदालत ने यह भी कहा कि मोइत्रा द्वारा 3 अक्टूबर और 6 अक्टूबर को किए गए सोशल मीडिया पोस्ट को अदालत का आदेश मिलने के 24 घंटे के भीतर हटा दिया जाना चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद मोइत्रा को एक नोटिस भेजा जाएगा, जिसमें उनसे यह बताने को कहा जाएगा कि उनके बयानों पर लगी रोक को अदालत क्यों न बरकरार रखे।

निचली अदालत के जज ने यह भी कहा कि मोइत्रा के पोस्ट में न केवल एसआईआर प्रक्रिया की आलोचना की गई थी, बल्कि तत्कालीन पश्चिम बंगाल सीईओ के रूप में मुख्य सचिव पर गैरकानूनी काम करने का आरोप भी लगाया गया था।

अदालत ने आगे कहा कि कृष्णानगर की सांसद इन गंभीर आरोपों के समर्थन में अदालत के सामने कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकीं। परिणामस्वरूप, अदालत ने कहा कि इन आरोपों के कानूनी आधार पर संदेह है।

अदालत ने कहा कि जनहित के दायरे में किसी को भी एसआईआर पर चर्चा करने या उसकी आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन इस आलोचना की आड़ में किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ मानहानिपूर्ण टिप्पणी करना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।

इस संबंध में अदालत ने माना कि मोइत्रा की सोशल मीडिया पोस्ट आपत्तिजनक थीं, इसलिए उन्हें अगले 24 घंटों के भीतर इन पोस्ट को हटा देना चाहिए। मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर अदालत के आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद (ममता बनर्जी की पार्टी) ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा, "मैं 'वोट चोर' को 'वोट चोर' कहने के अपने अधिकार को कायम रखने के लिए अदालत में एक आवेदन दायर करूंगी।"

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी

Date & Time : 2026-10-15 22:00:02

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