कोलकाता, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में हाल ही में हुई भगदड़ की घटना में घायल लोगों को निजी अस्पताल ले जाने पर हो रही आलोचना का जवाब देते हुए, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि मरने वालों की संख्या कम करने के लिए ऐसा फैसला लिया गया था।
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कोलकाता, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में हाल ही में हुई भगदड़ की घटना में घायल लोगों को निजी अस्पताल ले जाने पर हो रही आलोचना का जवाब देते हुए, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि मरने वालों की संख्या कम करने के लिए ऐसा फैसला लिया गया था।
'नवमी' की रात, मुख्यमंत्री अधिकारी अचानक कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में स्थित स्वास्थ्य भवन के कंट्रोल रूम में पहुंचे। वहां उन्होंने एक बड़ी स्क्रीन के जरिए शहर और राज्य के कई अस्पतालों की स्थिति पर नजर रखी।
वहां मुख्यमंत्री ने बताया कि चोरबगान भगदड़ में घायल हुए लोगों को निजी अस्पतालों में भेजा गया था ताकि और मौतें न हों। उन्होंने कहा कि हमने घायलों को तुरंत निजी अस्पतालों में भेजने का फैसला किया, ताकि मरने वालों की संख्या न बढ़े। इसके बाद मरने वालों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में कुछ कमियां हैं, जिन्हें ठीक करने में दो साल का समय लगेगा। मुख्यमंत्री ने इस बात का जायजा लिया कि दुर्गा पूजा के बचे हुए दिनों में किसी भी तरह की दुर्घटना होने पर स्वास्थ्य विभाग कितना तैयार है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ मौजूद थे। इस दौरान वहां पत्रकारों ने घायलों को निजी अस्पताल रेफर किए जाने पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों की जान बचाने के लिए उन्हें निजी अस्पतालों में भेजा गया था। निजी अस्पताल में भेजे जाने के बाद एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई। इससे पहले, इलाज के दौरान कई लोगों की मौत हो गई थी। लेकिन उन्हें वहां शिफ्ट किए जाने के बाद ऐसा नहीं हुआ।
यह स्वीकार करते हुए कि सरकारी अस्पतालों में कुछ कमियां हैं, मुख्यमंत्री ने कहा, "कुछ कमियां तो हैं। सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को निजी अस्पतालों के स्तर तक बेहतर बनाने में दो साल लगेंगे। पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार बने अभी सिर्फ छह महीने ही हुए हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि रेफरल के बारे में बात करने वाले डॉक्टर या जूनियर डॉक्टर घटना के समय ड्यूटी पर थे या नहीं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ड्यूटी के दौरान अपना काम छोड़कर जाना नियमों के खिलाफ है और मानवीय दृष्टिकोण से भी गलत है।
पहली सप्तमी (शनिवार) की रात, उत्तरी कोलकाता के चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की जान चली गई। इस हादसे में 25 लोग घायल हुए, जिनमें से 14 घायलों को एक निजी अस्पताल में ले जाया गया।
इस दुखद घटना के बाद, चश्मदीदों और वहां मौजूद लोगों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। उनकी मुख्य शिकायत यह है कि पुलिस दुर्गा पूजा पंडाल में भीड़ को ठीक से संभाल नहीं पाई।
हादसे के बाद भी, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम को मौके पर पहुंचने और बचाव कार्यों में मदद करने में देरी हुई। इस घटना के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
--आईएएनएस
पीएसके
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