
नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर पोस्टर वार शुरू हो गया है, लेकिन इस बार केंद्र में राजनीति नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक कार्यक्रम है। प्रख्यात कवि और वक्ता डॉ. कुमार विश्वास दिल्ली विधानसभा में ‘संगीतमय राम कथा’ करने जा रहे हैं। इस कार्यक्रम के प्रचार के लिए दिल्ली में जगह-जगह होर्डिंग्स लगाए गए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस होर्डिंग की हो रही है जो आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्यालय के ठीक बाहर लगाया गया है। इस पर बड़े अक्षरों में लिखा है— ‘आप (AAP) भी आमंत्रित हैं’।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कुमार विश्वास ने इस संदेश के जरिए अपनी पूर्व पार्टी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर परोक्ष रूप से निशाना साधा है। चूँकि 'आप' और 'आम आदमी पार्टी' का संक्षिप्त नाम एक ही है, इसलिए इस निमंत्रण को एक तंज के रूप में देखा जा रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब आम आदमी पार्टी अपने आंतरिक संकट से जूझ रही है।
गौर करने वाली बात यह है कि हाल ही में आम आदमी पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। दिग्गज नेता राघव चड्ढा सहित 7 राज्यसभा सांसदों (6 पंजाब और 1 दिल्ली) ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। राघव चड्ढा ने इस्तीफे से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी नेतृत्व और केजरीवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। ऐसे अस्थिर माहौल में कुमार विश्वास का 'राम कथा' के लिए दिया गया यह निमंत्रण आग में घी का काम कर रहा है।
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में यह आयोजन हो रहा है। उन्होंने इस कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
"भगवान राम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय दर्शन के सर्वोच्च आदर्श हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग कैसे रहना चाहिए। इस 'संगीतमय राम कथा' के जरिए हम इन आदर्शों को युवा पीढ़ी तक पहुँचाना चाहते हैं।"
विजेंद्र गुप्ता ने जानकारी दी कि इस भव्य कार्यक्रम के लिए किसी को भी नहीं छोड़ा गया है। निमंत्रण पाने वालों की सूची में शामिल हैं:
केंद्रीय मंत्री और दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्य।
दिल्ली के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसद।
दिल्ली विधानसभा के सभी विधायक और वरिष्ठ अधिकारी।
यह कार्यक्रम संगीत, कविता और कथा का एक अनूठा संगम होगा, जो सामाजिक सद्भाव और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या अरविंद केजरीवाल और उनके विधायक अपने पूर्व साथी की इस राम कथा में शामिल होते हैं या नहीं।
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