लखनऊ, 6 नवंबर (आईएएनएस)। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की कार्य परिषद ने एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की रिपोर्ट पर सर्वसम्मति से बड़ा फैसला किया है। रिपोर्ट के परीक्षण के लिए केजीएमयू स्टैच्यूट्स की धारा 11.11 के तहत डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है।
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लखनऊ, 6 नवंबर (आईएएनएस)। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की कार्य परिषद ने एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की रिपोर्ट पर सर्वसम्मति से बड़ा फैसला किया है। रिपोर्ट के परीक्षण के लिए केजीएमयू स्टैच्यूट्स की धारा 11.11 के तहत डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है।
शुक्रवार को कुलपति की अध्यक्षता में कार्य परिषद की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्य परिषद के अधिकांश सदस्य मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा शासन के माध्यम से 30 अक्टूबर 2026 को प्राप्त एसटीएफ की रिपोर्ट पर विचार-विमर्श करना था।
बैठक की शुरुआत में कुलसचिव द्वारा एसटीएफ की संपूर्ण रिपोर्ट कार्य परिषद के समक्ष बिंदुवार प्रस्तुत की गई और उसका विस्तृत वाचन किया गया। विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा इस संबंध में प्रस्तुत प्रत्यावेदनों को भी पढ़कर सुनाया गया।
इस दौरान कुछ सदस्यों ने अवगत कराया कि उनका नाम संबंधित समिति में तथा एसटीएफ की अवलोकन में गलत और अनुचित रूप से सम्मिलित किया गया है। उक्त प्रत्यावेदनों को भी कार्य परिषद के समक्ष पढ़कर सुनाया गया।
इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि इन प्रत्यावेदनों को भी संबंधित विभागीय समितियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाए तथा उनमें उल्लिखित तथ्यों एवं आपत्तियों पर सम्यक विचार-विमर्श कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाए, चूंकि शासन से प्राप्त निर्देशों में स्पष्ट रूप से केजीएमयू एक्स एवं विश्वविद्यालय की परिनियमावली में धारा 11.11 के प्रावधानों के अनुसार अग्रेतर कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की गई थी।
इसलिए समस्त तथ्यों एवं अभिलेखों पर विचारोपरांत कार्य परिषद ने सर्वसम्मति से विश्वविद्यालय की परिनियमावली में 11.11 में प्रावधानित अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के गठन करने का निर्णय लिया।
समिति में कुलपति एवं कुलसचिव के अतिरिक्त चार अन्य सदस्य होंगे। कार्य परिषद ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इन चार सदस्यों में से दो सदस्य विश्वविद्यालय के वर्तमान वरिष्ठ शिक्षकों में से संबंधित श्रेणियों के अनुसार नामित किए जाएंगे। शेष दो स्वतंत्र सदस्यों के रूप में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नामित किया जाएगा, जिनमें वरिष्ठतम पदों से सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उक्त समिति एसटीएफ की संपूर्ण रिपोर्ट, उससे संबंधित तथ्यों एवं अभिलेखों का विस्तृत परीक्षण करेगी तथा सभी संबंधित शिक्षकों/व्यक्तियों के पक्ष का भी परीक्षण करते हुए विश्वविद्यालय की परिनियमावली एवं लागू नियमों के अनुरूप अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
केजीएमयू की कार्य परिषद की विशेष बैठक में एसटीएफ रिपोर्ट पर सर्वसम्मति से फैसला किया गया। धारा 11.11 के तहत डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी गठित होगी। कमेटी में कुलपति-कुलसचिव के अलावा 4 सदस्य होंगे, जिनमें 2 वरिष्ठ शिक्षक और 2 स्वतंत्र सदस्य, जिनमें रिटायर्ड आईपीएस को प्राथमिकता मिलेगी। कमेटी पूरी रिपोर्ट और सभी पक्षों का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई करेगी।
--आईएएनएस
डीके/वीसी
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