Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

लीक ऑडियो से खुला राज, भगोड़े गोल्डी बरार ने हरदीप सिंह निज्जर हत्या में अपनी भूमिका स्वीकारी


नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका के गैंगस्टर गोल्डी बरार ने जून 2023 में कनाडा में खालिस्तान समर्थक आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी ली है। खालिस्तानी समर्थक परमजीत सिंह पम्मा के साथ हुई कथित बातचीत के संबंध में सामने आए वीडियो के जरिए यह जानकारी सामने आई है।

नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका के गैंगस्टर गोल्डी बरार ने जून 2023 में कनाडा में खालिस्तान समर्थक आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी ली है। खालिस्तानी समर्थक परमजीत सिंह पम्मा के साथ हुई कथित बातचीत के संबंध में सामने आए वीडियो के जरिए यह जानकारी सामने आई है।

लीक हुई बातचीत में गोल्डी बरार को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि निज्जर को मादक पदार्थों की तस्करी और युवाओं में मादक पदार्थों के सेवन को बढ़ावा देने में उसकी कथित संलिप्तता के कारण निशाना बनाया गया था। खुफिया सूत्रों ने कथित तौर पर पुष्टि की है कि ऑडियो में आवाज गोल्डी बरार की ही है।

बरार पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या सहित कई आपराधिक मामलों के सिलसिले में भारत में वांछित है।

लीक हुए ऑडियो में कथित तौर पर उसे यह कहते हुए सुना जा सकता है कि निज्जर द्वारा किशोरों के बीच नशीली दवाओं को बढ़ावा देने के आरोप ने उसे नाराज कर दिया था। यह कथित स्वीकारोक्ति निज्जर की हत्या से जुड़े हालातों पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित होने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध नेटवर्क पर चल रही कार्रवाई के बीच सामने आई है।

अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों को निशाना बनाने वाले अमेरिका-कनाडा के संयुक्त कानून प्रवर्तन अभियान 'ऑपरेशन हार्डबॉल' के तहत की गई जांच ने बरार और जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की गतिविधियों पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया है। अमेरिकी जांच में बिश्नोई नेटवर्क के सदस्यों और निज्जर की हत्या के बीच संबंधों का आरोप लगाया गया है और इस हाई-प्रोफाइल हत्या की जांच संगठित अपराध के संदर्भ में की जा रही है।

45 वर्षीय निज्जर की 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के बाद भारत और कनाडा के बीच एक बड़ा राजनयिक संकट खड़ा हो गया था क्योंकि हत्या में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता के आरोप लगाए गए थे। भारत ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।

निज्जर को उसकी मृत्यु से कई साल पहले ही भारत द्वारा वांछित आतंकवादी घोषित कर दिया गया था। उसकी गतिविधियां और खालिस्तान समर्थक आंदोलन से कथित संबंध भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बने हुए थे।

अगर कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की स्वतंत्र रूप से पुष्टि हो जाती है, तो इससे निज्जर की हत्या की जांच में एक नया आयाम जुड़ सकता है क्योंकि इसमें गिरोह से संबंधित मकसद सामने आ सकता है।

कई गंभीर आपराधिक मामलों में भारतीय अधिकारियों को गोल्डी बरार की तलाश है और उसे अंतरराष्ट्रीय गिरोहों के नेटवर्क से जुड़ा एक प्रमुख व्यक्ति माना जाता है। लॉरेंस बिश्नोई और अन्य संगठित अपराध हस्तियों के साथ उसके कथित संबंधों की भारत और विदेशों में जांच चल रही है।

इससे पहले जुलाई में एक वरिष्ठ कनाडाई कानून प्रवर्तन अधिकारी ने कहा था कि जांचकर्ताओं को भारतीय अधिकारियों को उस अमेरिकी जांच से जोड़ने वाले कोई सबूत नहीं मिले हैं, जिसमें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और तीन संगठित अपराध समूहों के दर्जनों अन्य सदस्यों पर आरोप लगाए गए थे।

यह स्पष्टीकरण तब आया जब अमेरिकी अधिकारियों ने तीन संघीय अभियोगों को सार्वजनिक किया, जिनमें अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों से जुड़े 37 आरोपियों पर जबरन वसूली, हत्या, जबरन वसूली, अपहरण और मादक पदार्थों की तस्करी सहित विभिन्न अपराधों का आरोप लगाया गया था। यह कार्रवाई अमेरिका, कनाडा और यूरोप में फैली वर्षों लंबी बहुराष्ट्रीय जांच के बाद की गई।

--आईएएनएस

एसएचके/पीएम

Share:

Leave A Reviews

Related News