
भोपाल। मध्य प्रदेश में पटवारियों और प्रशासनिक अफसरों के बीच तकरार बढ़ गई है। मध्य प्रदेश पटवारी संघ ने 19 और 20 सितंबर 2026 को पूरे प्रदेश में डिजिटल अवकाश पर रहने का निर्णय लिया है। प्रांताध्यक्ष उपेन्द्र सिंह बघेल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन दो दिनों में कोई भी पटवारी ऑनलाइन शासकीय कार्य नहीं करेगा।
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 कार्य को लेकर यह विवाद खड़ा हुआ है। पटवारी संघ का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बना रहे हैं। 18 सितंबर को आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।
रायसेन और मंडला जिले में पटवारी संघ ने कथित अभद्रता का आरोप लगाया है कि रायसेन जिले में प्रशासनिक अमला पटवारियों से जबरन काम करवा रहा है। पटवारियों के मोबाइल जब्त करने और नौकरी से हटाने की धमकी देने की शिकायतें मिली हैं। इससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

वहीं मंडला जिले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शैलेंद्र सिंह चौधरी पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगा है। बिना कारण बताए निलंबन की कार्रवाई के विरोध में मंडला तहसील के सभी पटवारी कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं। संघ ने इन दोनों मामलों की निंदा करते हुए सख्त रुख अपनाया है। ऑनलाइन पोर्टल बंद रहेंगे, मोबाइल भी रखेंगे स्विच ऑफ दो दिवसीय डिजिटल अवकाश के दौरान पटवारी सभी ऑनलाइन सरकारी दायित्वों से पूरी तरह विरत रहेंगे।
संघ ने निर्देश दिया है कि इस अवधि में पटवारी अपने सरकारी मोबाइल बंद रखेंगे। स्वामित्व योजना से जुड़ा कोई भी पंजीयन या सत्यापन कार्य नहीं किया जाएगा। संघ के प्रांताध्यक्ष उपेन्द्र सिंह बघेल ने कहा कि वे सदस्यों के सम्मान और गरिमापूर्ण कार्यस्थल के प्रति प्रतिबद्ध हैं। पत्र की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव और आयुक्त, भू-संसाधन प्रबंधन को भी भेज दी गई है।
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