मुंबई, 8 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में तनाव का असर भारत की क्रूड ऑयल बास्केट पर भी देखा जा रहा है और इसकी औसत कीमत अब चार महीने के उच्चतम स्तर 100.75 डॉलर पर पहुंच गई है।
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मुंबई, 8 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में तनाव का असर भारत की क्रूड ऑयल बास्केट पर भी देखा जा रहा है और इसकी औसत कीमत अब चार महीने के उच्चतम स्तर 100.75 डॉलर पर पहुंच गई है।
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 7 सितंबर को भारत की क्रूड ऑयल बास्केट की कीमत 106.26 डॉलर प्रति बैरल थी। यह दिखाता है कि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के साथ-साथ भारत के लिए कच्चा तेल आयात करना महंगा होता जा रहा है।
इससे पहले भारत के कच्चे तेल के बास्केट की औसत कीमत अगस्त में 90.19 डॉलर प्रति बैरल, जुलाई में 82.04 डॉलर प्रति बैरल और जून में 83.22 डॉलर प्रति बैरल थी।
वहीं, मई में अमेरिका-ईरान में युद्ध के चरम पर भारत के कच्चे तेल की बास्केट की औसत कीमत 106.23 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कच्चे तेल का दाम भी 100 डॉलर प्रति बैरल की तरफ पहुंच रहा है। दोपहर 2:20 पर बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.75 प्रतिशत बढ़कर 97.73 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.78 प्रतिशत की तेजी के साथ 93.11 डॉलर प्रति बैरल पर था।
मध्य पूर्व में लगातार तनाव के कारण हॉर्मुज स्ट्रेट बंद है, जिससे दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का आवागमन होता है।
अमेरिका-ईरान के युद्ध के बीच में यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले करने के कारण स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है और युद्ध के बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
विदेशी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई रणनीतिक और आर्थिक ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला कर दिया है। इन हमलों में अभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग खालिद एयर बेस और अभा व जिजान स्थित साऊदी अरामको की तेल सुविधाएं शामिल थीं।
--आईएएनएस
एबीएस
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