श्रीनगर, 15 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग 16-17 मई को श्रीनगर में "शक्ति संवाद" के चौथे संस्करण का आयोजन कर रहा है। इसमें देशभर के राज्य महिला आयोग महिला अधिकारों, संस्थागत समन्वय और महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के तंत्र को मजबूत करने पर विचार-विमर्श के लिए एक साथ आएंगे।
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श्रीनगर, 15 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग 16-17 मई को श्रीनगर में "शक्ति संवाद" के चौथे संस्करण का आयोजन कर रहा है। इसमें देशभर के राज्य महिला आयोग महिला अधिकारों, संस्थागत समन्वय और महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के तंत्र को मजबूत करने पर विचार-विमर्श के लिए एक साथ आएंगे।
"शक्ति संवाद" एक प्रमुख परामर्श पहल है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय महिला आयोग और राज्य महिला आयोगों के बीच घनिष्ठ समन्वय और निरंतर जुड़ाव को बढ़ावा देना है। परामर्श का पहला संस्करण अयोध्या में आयोजित किया गया था, जिसके बाद मुंबई और नई दिल्ली में इसका आयोजन हुआ। श्रीनगर संस्करण राज्य स्तर पर महिला कल्याण के लिए सहयोगात्मक नीति निर्माण और संस्थागत सुदृढ़ीकरण के प्रति राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
श्रीनगर में इस राष्ट्रीय स्तर के परामर्श का आयोजन जम्मू-कश्मीर में संस्थानों और हितधारकों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है और महिला अधिकारों और न्याय तक पहुंच को आगे बढ़ाने में समावेशी संवाद और समन्वित शासन के महत्व को उजागर करता है।
उद्घाटन सत्र को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह संबोधित करेंगे। राष्ट्रीय राष्ट्रीय महिला संघ (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर भी सभा को संबोधित करेंगी और महिलाओं के अधिकारों एवं गरिमा की रक्षा के लिए उत्तरदायी शासन, मजबूत संस्थागत सहयोग और जमीनी स्तर के तंत्र के महत्व पर जोर देंगी।
इस कार्यक्रम में देशभर से वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, कानूनी विशेषज्ञ, कानून प्रवर्तन प्रतिनिधि, नीति निर्माता और राज्य महिला आयोगों के सदस्य भाग ले रहे हैं।
दो दिवसीय परामर्श सत्र में राज्य की प्रगति का संक्षिप्त विवरण, महिलाओं के अधिकारों के परिप्रेक्ष्य से राज्य कानून की समीक्षा, महिलाओं पर हाल ही में आए सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के फैसले, पीछा करने की समस्या का समाधान-कानूनी और संस्थागत प्रतिक्रिया और महिलाएं और नए श्रम संहिता: अधिकारों, कल्याण और कार्यस्थल की गरिमा की सुरक्षा जैसे विषयों पर केंद्रित विचार-विमर्श शामिल हैं।
इन चर्चाओं का उद्देश्य नीतिगत समन्वय को मजबूत करना, शिकायत निवारण तंत्र में सुधार करना, कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देना और महिला-केंद्रित कानूनों और कल्याणकारी उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना है। यह परामर्श राज्य महिला आयोगों को सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और महिलाओं की सुरक्षा, कार्यस्थल पर गरिमा, साइबर संबंधी चिंताओं और न्याय तक पहुंच से संबंधित उभरती चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए एक मंच भी प्रदान करता है।
जम्मू-कश्मीर की अपनी यात्रा के अंतर्गत राष्ट्रीय महिला कल्याण संगठन (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर 19 मई को कई कार्यक्रमों और संस्थागत मुलाकातों में भाग लेंगी। इनमें कश्मीर के शेर-ए-कश्मीर विश्वविद्यालय में लैंगिक संवेदनशीलता और महिला कल्याण और स्वास्थ्य देखभाल (पीओएसएच) जागरूकता कार्यक्रम 'कैंपस कॉलिंग', महिलाओं के साथ सीधे शिकायत निवारण और संवाद के लिए श्रीनगर में जन सुनवाई, महिला कल्याण और संस्थागत समन्वय से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए मुख्य सचिव और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक और "लाल डेड राष्ट्रीय पुरस्कार" का वितरण शामिल है।
यह परामर्श एक विदाई समारोह और समापन सत्र के साथ समाप्त होगा, जिसमें देशभर में महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने में एनसीडब्ल्यू और राज्य महिला आयोगों के बीच निरंतर सहयोग के लिए प्रमुख सिफारिशों और रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।
--आईएएनएस
ओपी/वीसी
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