नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। आईपीएल 2025 के ऑक्शन में पंजाब किंग्स ने एक बल्लेबाज के नाम पर दांव लगाया और 30 लाख रुपए खर्च करते हुए उस खिलाड़ी को अपनी टीम से जोड़ा। रिकी पोंटिंग की बल्लेबाजी को देखकर बड़े हुए उस बल्लेबाज का मानो सपना सच हो गया, क्योंकि वह उसी ड्रेसिंग रूम का हिस्सा बना, जिसके हेड कोच पोंटिंग थे। आंध्र प्रदेश लीग में शतक और एक ओवर में 5 छक्के लगाकर सुर्खियों में आए पायला अविनाश खुद को लकी मानते हैं कि उन्हें पंजाब किंग्स के खेमे में शामिल होने का मौका मिला। पायला अविनाश ने 'आईएएनएस' के साथ खास बातचीत करते हुए घरेलू क्रिकेट से आईपीएल तक पहुंचने के सफर को लेकर विस्तार से बात की।
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नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। आईपीएल 2025 के ऑक्शन में पंजाब किंग्स ने एक बल्लेबाज के नाम पर दांव लगाया और 30 लाख रुपए खर्च करते हुए उस खिलाड़ी को अपनी टीम से जोड़ा। रिकी पोंटिंग की बल्लेबाजी को देखकर बड़े हुए उस बल्लेबाज का मानो सपना सच हो गया, क्योंकि वह उसी ड्रेसिंग रूम का हिस्सा बना, जिसके हेड कोच पोंटिंग थे। आंध्र प्रदेश लीग में शतक और एक ओवर में 5 छक्के लगाकर सुर्खियों में आए पायला अविनाश खुद को लकी मानते हैं कि उन्हें पंजाब किंग्स के खेमे में शामिल होने का मौका मिला। पायला अविनाश ने 'आईएएनएस' के साथ खास बातचीत करते हुए घरेलू क्रिकेट से आईपीएल तक पहुंचने के सफर को लेकर विस्तार से बात की।
सवाल: अविनाश, पंजाब किंग्स ने आपको तब चुना जब आप लाइमलाइट में भी नहीं थे और किसी का ध्यान आप पर नहीं गया था। हालांकि, उन्होंने आपको सही समय पर पहचाना। आपको क्या लगता है कि उन्होंने आपके अंदर ऐसा क्या देखा जो शायद दूसरों को नहीं दिखा?
जवाब: सबसे पहले मैं बहुत किस्मत वाला था कि उस समय पंजाब किंग्स ने मुझे चुना। उस समय मैं आंध्र प्रीमियर लीग में बहुत अच्छा खेल रहा था। वह मेरा तीसरा सीजन था। मैंने तीनों सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया था, और जब उन्होंने मुझे चुना, तब तक मैं एक शतक लगा चुका था।
सवाल: क्या उस सिलेक्शन से आपके लिए उम्मीदें बढ़ गईं, या फिर जिम्मेदारी का एहसास ज्यादा हुआ?
जवाब: मैं कहूंगा कि दोनों ही बातें हुईं; उम्मीदें भी बढ़ीं और साथ ही जिम्मेदारी का एहसास भी हुआ। तो, दोनों ही चीजें हुईं।
सवाल: आपने सिर्फ 58 गेंदों पर 11 छक्कों की मदद से शानदार 105 रन (नाबाद) बनाए, जो जeहिर है आपके करियर का एक टर्निंग प्वाइंट बन गया। उस पांचवें छक्के से पहले आपके दिमाग में क्या चल रहा था — क्या आप सोच रहे थे कि मैं एक और छक्का मारूंगा या यह बस एक सहज प्रतिक्रिया थी?
जवाब: यह बस एक सहज प्रतिक्रिया थी। मैंने उस ओवर में पांच छक्के मारे, जिसमें दूसरी गेंद पर दो रन बने थे। इस वजह से मेरे लिए छह छक्के मारने का कोई मौका ही नहीं था।
सवाल: तो, क्या कभी आपने सोचा कि युवराज सिंह जैसे मशहूर खिलाड़ियों ने छह छक्के मारे हैं? तो क्या आपने कभी उनके रिकॉर्ड की बराबरी करने या शायद उसे तोड़ने के बारे में सोचा?
जवाब: जाहिर है कि किसी भी फॉर्मेट या खेल के किसी भी समय में एक ओवर में छह छक्के मारना हर किसी का सपना होता है। मैं भी अपने नाम यह उपलब्धि दर्ज करने का इंतजार कर रहा हूं।
सवाल: उस पारी के बाद जब आपको आईपीएल में खेलने का मौका मिला, तो क्या आपको मालिकों और मैनेजमेंट की तरफ से कोई दबाव महसूस हुआ और क्या आपको लगा कि अभी बहुत कुछ साबित करना बाकी है?
जवाब: हां, पंजाब किंग्स के मालिकों ने पंजाब में मुझे बहुत अच्छे माहौल में रखा। सच कहूं तो, मुझे कभी भी अलग-थलग महसूस नहीं कराया गया या मेरे साथ कभी वैसा बर्ताव नहीं किया गया। वे मेरे साथ सच में बहुत अच्छे थे। हर स्थिति में वे मेरे प्रति बहुत दयालु रहे। हमारे हेड कोच, मालिकों और सभी स्टाफ ने मेरा बहुत अच्छे से ख्याल रखा क्योंकि यह आईपीएल में मेरा पहला सीजन था। इसी वजह से आईपीएल सेटअप में आने का मुझ पर बहुत दबाव था क्योंकि मुझे पता नहीं था कि सेटअप कैसा होगा, कितना मजबूत होगा या अपने लोगों और दिग्गजों के बीच चीजें कैसी होंगी। ऐसे कई मौके आए जब उन्होंने मुझे हर स्थिति में, चाहे मैदान पर हो या बाहर, बहुत सहज और आरामदायक महसूस कराया।
सवाल: आंध्र प्रीमियर लीग में 105 रन बनाने से लेकर पंजाब किंग्स द्वारा ₹30 लाख में चुने जाने तक का सफर तय किया। बाहर से तो यह किसी सपने जैसा लगता है, लेकिन आपके मन में असल में क्या चल रहा था, उत्साह, आत्मविश्वास, या क्या आपने तुरंत सोचा कि अब मुझे साबित करना है कि मैं यहीं के लिए बना हूं’?
जवाब: वह शतक लगाने के बाद मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं आईपीएल सेटअप का हिस्सा बनूंगा क्योंकि यह सब बस सहज भावना पर हो रहा था। मैं बहुत आगे की नहीं सोच रहा था। मैं बस एक-एक मैच पर ध्यान दे रहा था और आईपीएल जैसे अंतिम परिणाम के बारे में नहीं सोच रहा था। तो हां, जब तक मैं ट्रायल्स में नहीं गया, तब तक मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था। मैंने ट्रायल्स में पंजाब किंग्स के लिए अच्छा प्रदर्शन किया। इसी वजह से शुरुआत में मुझे शॉर्टलिस्ट किया गया और मुझे बहुत खुशी हुई। इसके बाद में जब उन्होंने मुझे चुन लिया, तो मैं सच में बहुत खुश था और सचमुच हैरान भी था। यह एक अलग तरह का एहसास है जिसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता।
सवाल: आपकी बैटिंग देखकर लगता है कि आपका नेचुरल खेल अटैक करने का है। हालांकि, आईपीएल में आप हर गेंद पर हिट नहीं कर सकते। 'निडर' होने और 'लापरवाह' होने के बीच आप यह बैलेंस कैसे बनाते हैं?
जवाब: पिछले दो वर्षों से मैं खुद को बेहतर बना रहा हूं, टीम के कई खिलाड़ियों को देख रहा हूं। वे किस सिचुएशन में, किस समय पर बॉलर्स का सामना कैसे करते हैं। डगआउट में बैठकर मैं लगातार सीख रहा हूं, भले ही मुझे खेलने का मौका न मिला हो। हालांकि, मुझे अभी भी लगता है कि निडर होना मेरी खासियत है जिसे मैं छोड़ना नहीं चाहता, लेकिन हां, मैं इसे लेकर लापरवाह नहीं हो सकता। इसी वजह से मैं ज्यादा जिम्मेदार और निडर बनना चाहता हूं।
सवाल: क्या आप क्रीज पर जाकर पहली दो-तीन गेंदें सिर्फ बॉलर को समझने के लिए खेल सकते हैं, या आपका नेचुरल अंदाज आपको पहला मौका मिलते ही अटैक करने के लिए कहता है?
जवाब: बैटिंग करते समय मेरा दिमाग एकदम क्लियर रहता है, चाहे वह पहली गेंद हो या आखिरी गेंद। मेरा दिमाग क्लियर रहता है। तो, यह बस वही नेचुरल अंदाज है जो बहुत अधिक प्रैक्टिस करने और मैच में उसे अच्छे से करने से आता है।
सवाल: आपको एक आक्रामक बल्लेबाज और मध्यम गति के गेंदबाज के विकल्प के तौर पर जाना जाता है। हालांकि, अगर मैं आपसे कहूं कि आज से 5 साल बाद आप असल में किस रूप में पहचाने जाना चाहते हैं , एक पावर-हिटर, एक ऑलराउंडर, या कोई ऐसा खिलाड़ी जो कई तरह से गेम बदल सकता है?
जवाब: मैं गेम का रुख बहुत अच्छे से बदल सकता हूं। भले ही टीम हारने की हालत में हो, मैं उस समय आगे आकर खेल सकता हूं क्योंकि मैंने ऐसा कई बार किया है। ऐसे में मैं खुद को इसी रूप में देखना चाहता हूं। अगर मैं क्रीज पर हूं, तो मैच हमारा है। मैं खुद को मैच विनर मानता हूं।
सवाल: आप रिकी पोंटिंग की बैटिंग देखते हुए बड़े हुए और फिर अचानक आपने पाया कि वही इंसान आपको कोचिंग दे रहा है। कोच रिकी पोंटिंग के बारे में आपने सबसे बड़ी बात क्या सीखी जो आप क्रिकेटर रिकी पोंटिंग को देखकर कभी नहीं समझ पाते? और क्या उन्होंने कभी आपकी बैटिंग के बारे में कुछ ऐसा बताया जिससे आपके खेल को देखने का नजरिया ही बदल गया?
जवाब: खेल के प्रति उनका रवैया और प्रतिबद्धता देखकर मैं सच में हैरान रह गया। अपने पूरे करियर में उन्होंने बहुत अच्छी पारियां खेलीं। मैं उन्हें बैटिंग करते हुए देखता था। जब मेरा सिलेक्शन हुआ, तो जाहिर है रिकी पोंटिंग हेड कोच थे, और मुझे यह सब अविश्वसनीय लगा। कई बार मैं उनके साथ बैठकर खेल, माइंडसेट और सभी तकनीकी पहलुओं के बारे में बात करता था। इसी कारण मैं बहुत खुश हूं कि मुझे पिछले दो वर्षों में उनके साथ काम करने का मौका मिला। और जहां तक मेरी बैटिंग के बारे में कुछ बताने की बात है, तो हां, बिल्कुल। उन्होंने कुछ तकनीकी बदलाव किए और उन्होंने मुझे बहुत बड़ी-बड़ी बातें नहीं बताईं। हालांकि, उन्होंने छोटे-छोटे बदलाव किए जिनसे मुझे अभी जिस तरह से मैं बैटिंग कर रहा हूं, उसमें बहुत मदद मिली।
सवाल: आपने कहा है कि आपके भाई ही वो व्यक्ति थे जिन्होंने आपको क्रिकेट को गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित किया। अगर उन्होंने आपसे पहले क्रिकेट नहीं खेला होता, तो क्या आपको लगता है कि पायला अविनाश कभी क्रिकेटर बन पाते? और आपकी यात्रा की वो कौन सी एक बात है जिसका श्रेय आप उन्हें देना चाहेंगे?
जवाब: अगर उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू नहीं किया होता, तो मुझे नहीं लगता कि उस समय मेरे पास वो विजन या परिवार का सपोर्ट होता। मुझे वो सपोर्ट नहीं मिलता। जब से उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, मैंने भी उन्हें और जिस तरह से वे रोजाना लगातार अपना काम करते थे, उसे देखना शुरू किया। मैं आज यहां उन्हीं की वजह से हूं क्योंकि वे मुझे सपोर्ट करते थे; वे मुझे एक बड़े भाई की तरह नहीं, बल्कि एक मेंटर की तरह गाइड करते थे। वे हर पहलू में मुझ पर नजर रखते थे। मैं हमेशा मेरे साथ रहने के लिए उनका बहुत आभारी हूं।
--आईएएनएस
एसएम/डीकेपी
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