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मानसून की दस्तक से मध्य प्रदेश में मौसम बदला, कई जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी


भोपाल, 30 मई (आईएएनएस)। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्य प्रदेश में और आगे बढ़ते हुए राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर शुरू कर दिया है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, हालांकि फसलों और बुनियादी ढांचे को नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है।

भोपाल, 30 मई (आईएएनएस)। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्य प्रदेश में और आगे बढ़ते हुए राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर शुरू कर दिया है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, हालांकि फसलों और बुनियादी ढांचे को नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आगामी दिनों के लिए कई जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। 30 और 31 मई को मंदसौर और नीमच जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा ग्वालियर, दतिया, भिंड, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में भी मौसम के तीव्र बने रहने का अनुमान है। 31 मई से 3 जून के बीच राजगढ़, आगर मालवा, शहडोल, सीहोर, देवास, इंदौर, उज्जैन, झाबुआ समेत राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 30 मई की सुबह 8:30 बजे तक दर्ज आंकड़ों में भिंड जिले के गोरमी में सबसे अधिक 72 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद नरवर में 44 मिमी, नरसिंहपुर के तेंदूखेड़ा में 38 मिमी, बेराड़ में 31 मिमी तथा शुजालपुर और मोहनगढ़ में 29-29 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बालदेवगढ़ में 27 मिमी और निवाड़ी में 25 मिमी बारिश हुई, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में 15 से 22 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई।

बारिश के साथ तेज हवाओं ने भी असर दिखाया। अशोकनगर में हवा की अधिकतम रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि ग्वालियर और शिवपुरी में 67 किलोमीटर प्रति घंटा तथा सीहोर में 59 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।

शिवपुरी, मुरैना, सागर और श्योपुर जिलों में ओलावृष्टि की भी खबर है। वहीं चंबल, ग्वालियर, सागर, उज्जैन, रीवा और शहडोल संभागों के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। झाबुआ, धार, इंदौर, देवास, कटनी और डिंडौरी जिलों में भी मौसम सक्रिय बना रहा।

मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों के दौरान मानसून के अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ तथा पाकिस्तान, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक फैली द्रोणिका (ट्रफ) इस मौसमीय गतिविधि को बढ़ावा दे रही है।

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नागरिकों को आंधी-तूफान के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले में न रहने, ढीली वस्तुओं को सुरक्षित रखने और पशुओं तथा खड़ी फसलों को ओलावृष्टि व तेज हवाओं से बचाने की सलाह दी गई है। किसानों से भी खेतों में विशेष सावधानी बरतने और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न जाने को कहा गया है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह शुरुआती सक्रियता प्रदेश में लू की स्थिति को काफी हद तक कम करेगी और कृषि गतिविधियों के लिए भी लाभकारी साबित हो सकती है, हालांकि मौसम विभाग हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

--आईएएनएस

डीएससी

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