
मंदसौर/दलौदा. मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में गुरुवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। रतलाम-चित्तौड़गढ़ रेल खंड पर स्थित दलौदा रेलवे स्टेशन के पास एक मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से नीचे उतर गया। यह घटना उस समय हुई जब रेलवे विभाग द्वारा हाल ही में तैयार किए गए नए दोहरीकरण ट्रैक का तकनीकी परीक्षण और निरीक्षण किया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, मालगाड़ी रतलाम से चित्तौड़गढ़ की ओर जा रही थी। जैसे ही ट्रेन दलौदा स्टेशन के पास पहुंची, अचानक एक वैगन (डिब्बा) पटरी से उतर गया (डिरेल हो गया)। हादसे के वक्त रेलवे की तकनीकी टीमें दलौदा से मंदसौर के बीच नवनिर्मित दोहरीकरण ट्रैक का निरीक्षण कर रही थीं। गनीमत यह रही कि मालगाड़ी की रफ्तार कम थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ी आपदा टल गई।
हादसे के तुरंत बाद रतलाम-चित्तौड़गढ़ रेल मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इस मार्ग से गुजरने वाली कई यात्री ट्रेनों को बीच के स्टेशनों पर ही रोकना पड़ा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेलवे के कंट्रोल रूम को सूचना मिलते ही रतलाम से तकनीकी अमला और बचाव दल मौके पर रवाना किया गया।
प्रभाव: लगभग 3 घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा।
बचाव कार्य: क्रेन और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से मालगाड़ी के डिब्बे को वापस पटरी पर लाया गया।
जांच: रेलवे अधिकारियों ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं, खासकर इसलिए क्योंकि यह हादसा नए ट्रैक के निरीक्षण के दौरान हुआ है।
दलौदा से मंदसौर के बीच रेल लाइन दोहरीकरण का काम लंबे समय से चल रहा है। गुरुवार को इस ट्रैक पर सेफ्टी ट्रायल और टेक्निकल चेकिंग की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान ही मालगाड़ी का पटरी से उतरना रेलवे की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक को क्लियर कर दिया गया और ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू हो पाया।
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