श्रीनगर, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। नई दिल्ली स्थित विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अदालत ने शनिवार को अलगाववादी नेता यासीन मलिक और छह अन्य के खिलाफ हवाला चैनलों के माध्यम से पाकिस्तान से कथित विदेशी धन की हेराफेरी से जुड़े मामले में मुकदमे की सुनवाई शुरू करने का आदेश दिया।
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श्रीनगर, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। नई दिल्ली स्थित विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अदालत ने शनिवार को अलगाववादी नेता यासीन मलिक और छह अन्य के खिलाफ हवाला चैनलों के माध्यम से पाकिस्तान से कथित विदेशी धन की हेराफेरी से जुड़े मामले में मुकदमे की सुनवाई शुरू करने का आदेश दिया।
यह मामला 8.94 करोड़ रुपए की आपराधिक आय की कथित हेराफेरी से संबंधित है। इसको लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दावा है कि यह जम्मू और कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों से जुड़े अवैध वित्तीय लेनदेन के माध्यम से अर्जित की गई थी।
आरोपों के अनुसार, आरोपियों ने हवाला नेटवर्क और अन्य चैनलों के माध्यम से पाकिस्तान से विदेशी धन प्राप्त किया।
इस धन का कथित तौर पर केंद्र शासित प्रदेश में अलगाववादी गतिविधियों और संबंधित गैरकानूनी अभियानों को समर्थन देने के लिए उपयोग किया गया था।
ईडी ने एनआईए द्वारा 2017 में दर्ज एफआईआर के आधार पर अपनी जांच शुरू की।
एनआईए ने भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
ईडी ने बाद में कथित वित्तीय लेन-देन की जांच की, जिसमें धन की आवाजाही और अपराध से प्राप्त संदिग्ध आय का विश्लेषण किया गया।
अदालत के नवीनतम आदेश से इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, क्योंकि अब आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी धन की कथित प्राप्ति एवं उपयोग के आरोपों को लेकर मुकदमा चलेगा।
एनआईए अदालत ने पिछले महीने इस मामले में आरोप तय किए थे, जिससे मुकदमे की कार्यवाही का मार्ग प्रशस्त हुआ।
यह मामला पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को समर्थन देने के लिए धन पहुंचाने हेतु कथित वित्तीय नेटवर्क की व्यापक जांच का हिस्सा है।
अभियोजन पक्ष से अपेक्षा की जाती है कि वह जांच के दौरान एकत्रित दस्तावेजी साक्ष्य, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य सामग्री के माध्यम से अपने आरोपों को साबित करे।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मुकदमे के दौरान आरोपियों के खिलाफ आरोपों को अभी साबित किया जाना बाकी है।
कार्यवाही की शुरुआत का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है, और आरोपियों को अदालत के समक्ष आरोपों का खंडन करने का अवसर मिलेगा।
मुकदमे में कथित वित्तपोषण नेटवर्क, धन के स्रोत और संदिग्ध मनी लॉन्ड्रिंग ऑपरेशन में प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच किए जाने की अपेक्षा है।
अदालत के आदेश से मामला अपने अगले कानूनी चरण में पहुंच गया है, जिसमें अब अभियोजन पक्ष को अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने होंगे।
--आईएएनएस
एमएस/
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