मुंबई, 2 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र एसआईआर की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के आरोपों के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। एक तरफ विपक्ष राहुल गांधी के आरोप का समर्थन कर रहा है, तो दूसरी तरफ सत्ता पक्ष इसे बेबुनियाद बता रहा है।
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मुंबई, 2 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र एसआईआर की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के आरोपों के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। एक तरफ विपक्ष राहुल गांधी के आरोप का समर्थन कर रहा है, तो दूसरी तरफ सत्ता पक्ष इसे बेबुनियाद बता रहा है।
दिल्ली में राजद के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने राहुल गांधी के आरोपों का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी महाराष्ट्र की बात कर रहे हैं। मैं बंगाल की बात करूंगा। जहां लाखों लोग छूट गए थे और वोट नहीं दे पाए थे। अब उनमें से बहुत से लोगों को वोटर लिस्ट में वापस जोड़ा जा रहा है, यह कहते हुए कि उनके पास सभी डॉक्यूमेंट्स थे, फिर भी वे वोट नहीं दे पाए। क्या मैं इसे चोरी कहूं, या डकैती या धोखाधड़ी जैसा कोई बेहतर शब्द इस्तेमाल करूं? और वह भी संस्थागत समर्थन के साथ। कभी न कभी इन बातों से पर्दा उठेगा और दोषियों को सजा मिलेगी।"
वहीं, हैदराबाद में भाजपा नेता मनमीत सिंह ने राहुल गांधी पर पलटवार किया। उनका कहना है कि एसआईआर एक सामान्य प्रक्रिया है जिसमें मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं और स्थान बदलने वाले वोटरों के नाम शिफ्ट किए जाते हैं। इसे वोट चोरी बताना गलत है। मनमीत सिंह ने कहा, "55 साल के 'युवा' राहुल गांधी ने एक बार फिर दावा किया है कि महाराष्ट्र में दो करोड़ वोट हटा दिए गए हैं। चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि एसआईआर की वजह से महाराष्ट्र में 2 करोड़ वोट हटा दिए गए हैं।"
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी यह नहीं समझ पाए हैं कि एसआईआर की प्रक्रिया में जो व्यक्ति जहां रह रहा है, यानी अगर वह काम करने के लिए महाराष्ट्र में रहता है तो उसका वोट वहीं रहता है। यदि कोई एक जगह से दूसरे जगह शिफ्ट होता है तो दोनों जगह वो वोट नहीं दे सकता और एक जगह से उसका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाता है। इसके साथ ही मृतकों का नाम भी लिस्ट से हटाया जाता है। इसी वजह से एसआईआर में इतने नाम कटे हैं।
उधर, रांची में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने भी राहुल के दावों को खारिज किया। उन्होंने कहा, "एसआईआर चुनाव आयोग द्वारा की जाने वाली एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसे संविधान से अधिकार मिला है। महाराष्ट्र में एक ड्राफ्ट लिस्ट पब्लिश की गई है। जिसे भी कोई आपत्ति हो, वह उसे दर्ज करा सकता है। राहुल गांधी को बताना चाहिए, उन्होंने बिहार में भी ऐसे ही दावे किए थे, वोट चोरी और वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाने का आरोप लगाया था। असल में कितने लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं? यहां कई घुसपैठिए हैं, फिर भी वे पूछते हैं कि घुसपैठिए कहां हैं। तो जो लोग एन्यूमरेशन फॉर्म पर साइन करने से इनकार करते हैं, वे कौन हैं।"
--आईएएनएस
पीआईएम/पीएम
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