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मेघालय: मुख्यमंत्री संगमा ने स्थानीय विरासत को दर्ज करने के लिए 'ट्रेसिंग द रूट्स' पहल की समीक्षा की


शिलांग, 7 अगस्त (आईएएनएस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने शुक्रवार को राज्य की महत्वाकांक्षी ट्रेसिंग द रूट्स पहल की प्रगति की समीक्षा की।

शिलांग, 7 अगस्त (आईएएनएस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने शुक्रवार को राज्य की महत्वाकांक्षी ट्रेसिंग द रूट्स पहल की प्रगति की समीक्षा की।

यह एक अंतःविषयक अनुसंधान परियोजना है जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक और अकादमिक अनुसंधान के माध्यम से राज्य के स्वदेशी समुदायों के इतिहास, संस्कृति, भाषा और विरासत का दस्तावेजीकरण करना है।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए परियोजना का मार्गदर्शन करने के लिए गठित समिति के साथ विस्तृत चर्चा की और कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा चलाई जा रही इस पहल के कार्यान्वयन रोडमैप का आकलन किया।

इस परियोजना का उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों के साथ मिलाकर मेघालय के स्वदेशी समुदायों की उत्पत्ति और ऐतिहासिक विकास की एक व्यापक, साक्ष्य-आधारित समझ विकसित करना है।

अधिकारियों के मुताबिक, यह पहल एक बहुविषयक दृष्टिकोण अपनाएगी, जिसमें राज्य में स्वदेशी समुदायों की उत्पत्ति और प्रवास से संबंधित विभिन्न सिद्धांतों की जांच करने के लिए ऐतिहासिक अनुसंधान, मौखिक परंपराओं, स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों, भाषा विज्ञान, पुरातत्व, नुवंप्राविज्ञान और, जहां उपयुक्त हो, आनुवंशिक अध्ययनों को एक साथ लाया जाएगा।

ऐतिहासिक विकासों का पता लगाने के अलावा, यह परियोजना पारंपरिक संस्थाओ, त्योहारों भौतिक संस्कृति और स्वदेशी भाषाओं की जीवंतता का दस्तावेजीकरण करेगी। इसका उद्देश्य भावी पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक संसाधनों और ऐतिहासिक अभिलेखों को संरक्षित करने हेतु स्थायी डिजिटल अभिलेखागार बनाना भी है।

संगमा ने इस पहल की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य मेघालय की स्वदेशी विरासत की वैज्ञानिक रूप से विश्वसनीय और साक्ष्य-समर्थित समझ विकसित करना है, साथ ही मौखिक इतिहास और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रथाओं की रक्षा करना है जो राज्य की पहचान का अभिन्न अंग है।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि इस पहल के लिए प्रारंभिक कार्य फरवरी से ही चल रहा है। इसमें अनुसंधान टीमों का गठन, परियोजना की रूपरेखा तैयार करना और अनुसंधान की प्रगति का दस्तावेजीकरण करने, ज्ञान संसाधनों को संरक्षित करने और अध्ययन के दौरान सार्वजनिक भागीदारी को सुगम बनाने के लिए समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करना शामिल है।

सरकार तुलनात्मक ऐतिहासिक, भाषाई और सांस्कृतिक अनुसंधान के लिए प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग करने की भी योजना बना रही है। इस पहल से शोध प्रकाशन, शैक्षिक संसाधन और व्यापक डिजिटल भंडार तैयार होने की उम्मीद है, जो शोधकर्ताओ, नीति निर्माताओं और शैक्षणिक संस्थानों के लिए उपयोगी साबित होंगे।

राज्य सरकार ने कहा कि ट्रेसिंग द रूट्स पहल का उद्देश्य गहन अकादमिक अनुसंधान के माध्यम से मेघालय की समृद्ध स्वदेशी विरासत को संरक्षित करना, साथ ही सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना और भावी पीढ़ियों के लिए ज्ञान का एक स्थायी भंडार बनाना है।

--आईएएनएस

एएसएच/पीएम

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