Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

मिस्र की जल सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता: राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी


काहिरा, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने रविवार को कहा कि अपनी भौगोलिक स्थिति और नील नदी पर निर्भरता के कारण मिस्र एक अनूठी जल चुनौती का सामना कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि देश की जल सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

काहिरा, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने रविवार को कहा कि अपनी भौगोलिक स्थिति और नील नदी पर निर्भरता के कारण मिस्र एक अनूठी जल चुनौती का सामना कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि देश की जल सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

नौवें काहिरा वॉटर वीक के उद्घाटन पर रिकॉर्डेड संबोधन में अल-सीसी ने कहा कि नील नदी मिस्र को उसके नवीकरणीय जल संसाधनों का 98 प्रतिशत से अधिक प्रदान करती है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, परामर्श, समन्वय, अच्छी पड़ोसी भावना और किसी को नुकसान न पहुंचाने के सिद्धांत के आधार पर अन्य बेसिन देशों के साथ सहयोग करने की अपने देश की इच्छा दोहराई।

मिस्र के राष्ट्रपति ने कहा कि देश ने सचेत रूप से सहयोग और संवाद का रास्ता चुना। उन्होंने कहा, "मिस्र नील बेसिन के सभी देशों के विकास के अधिकार का सम्मान करता है और उसका समर्थन करता है।"

दक्षिणी नील बेसिन देशों के साथ ऊर्जा, कृषि और सिंचाई से जुड़ी प्रस्तावित परियोजनाओं पर सहयोग को रेखांकित करते हुए अल-सीसी ने कहा कि मिस्र पूर्वी नील बेसिन में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए उत्सुक है, ऐसे तरीके से जो मिस्र, सूडान और इथियोपिया के हितों की पूर्ति करे।

इस बीच अल-सीसी ने जोर देकर कहा, "जो कोई यह दांव लगाए कि मिस्र यथास्थिति को स्वीकार कर लेगा या अपनी जल सुरक्षा से समझौता करेगा, वह दांव हार जाएगा।" उन्होंने इस बात पर बल दिया कि राज्य मिस्र के लोगों के हितों की रक्षा करने की अपनी जिम्मेदारी को नहीं भूलेगा।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, राष्ट्रपति ने नील बेसिन की क्षमता को ऐसी साझेदारियों में बदलने का आह्वान किया, जो साझा लाभों को अधिकतम करें, सभी देशों के अधिकारों की रक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि नील बेसिन अपने सभी लोगों के लिए विकास, समृद्धि और स्थिरता का स्रोत बना रहे।

निचले प्रवाह वाले देशों मिस्र और सूडान ने ऊपरी प्रवाह वाले इथियोपिया द्वारा ग्रैंड इथियोपियन रेनेसां डैम (जीईआरडी) के निर्माण के बाद अपने जल हिस्से को लेकर बार-बार चिंता व्यक्त की है। बांध को भरने और उसके संचालन को नियंत्रित करने वाले नियमों पर बाध्यकारी कानूनी समझौते के लिए वर्षों से चली आ रही त्रिपक्षीय वार्ता अब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है।

इथियोपिया ने सितंबर 2025 में आधिकारिक तौर पर इस बांध का उद्घाटन किया था। उसका कहना है कि यह जलविद्युत परियोजना बिजली उत्पादन बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने में मदद करेगी, जबकि इससे निचले प्रवाह वाले देशों को कोई नुकसान नहीं होगा।

नौवां काहिरा वॉटर वीक "शांति, साझा समृद्धि और एक सतत ग्रह के लिए उत्प्रेरक के रूप में जल" विषय पर आयोजित किया गया है, जो पांच दिनों तक चलेगा और गुरुवार तक जारी रहेगा। इस दौरान 130 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें जल सुरक्षा, क्षमता निर्माण और दिसंबर में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आयोजित होने वाले 2026 संयुक्त राष्ट्र जल सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।

--आईएएनएस

केके/वीसी

Date & Time : 2026-10-25 23:35:03

Share:

Leave A Reviews

Related News